सालों से अस्पताल से गायब हैं 10 डॉक्टर! मुंगेर में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन, बोले CS- अब ऐसे नहीं चलेगा काम
Munger Absent Doctors Departmental Action: मुंगेर स्वास्थ्य विभाग ने वर्षों से ड्यूटी से नदारद 10 डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई शुरू ...और पढ़ें

Munger Absent Doctors Departmental Action: मुंगेर में वर्षों से ड्यूटी से नदारद 10 डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा; प्रपत्र-क के बाद तामिला नोटिस जारी
HighLights
मुंगेर में 10 डॉक्टर वर्षों से ड्यूटी से अनुपस्थित।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी को कारण बताओ नोटिस भेजा।
जवाब न देने पर सेवा समाप्ति की होगी कार्रवाई।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। Munger Absent Doctors Departmental Action: मुंगेर जिले की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने और अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिले के विभिन्न प्राथमिक, सामुदायिक व अनुमंडलीय स्वास्थ्य केंद्रों में वर्षों से बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से नदारद चल रहे 10 चिकित्सकों पर अब विभागीय कार्रवाई का शिकंजा कस दिया गया है। लंबे समय से गायब चल रहे इन डॉक्टरों के विरुद्ध पूर्व में प्रपत्र-क (आरोप पत्र) गठित करने की अनुशंसा की गई थी, जिसके बाद अब विभाग ने तामिला (आधिकारिक नोटिस तामील) की कार्रवाई भी पूरी कर ली है।
मुंगेर जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों से वर्षों से बिना किसी सूचना के गायब चल रहे 10 डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग का कड़ा एक्शन
अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत पूर्व में प्रपत्र-क गठित होने के बाद अब संबंधित सभी 10 चिकित्सकों को तामिला भेजने की प्रक्रिया पूरी
कोई 2022 तो कोई 2023 से नदारद; असरगंज, हवेली खड़गपुर, धरहरा, टेटियाबंबर और सदर अस्पताल के डॉक्टर सूची में शामिल
सिविल सर्जन डॉ. राजू ने की पुष्टि; नोटिस का जवाब मिलने के बाद सेवा नियमावली के तहत की जाएगी बर्खास्तगी व विभागीय कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित सभी 10 अनुपस्थित चिकित्सकों को तामिला भेजे जाने की औपचारिक सूचना सिविल सर्जन कार्यालय मुंगेर को प्राप्त हो गई है। जिले के सरकारी अस्पतालों में पहले से ही चिकित्सकों की भारी कमी है, ऐसे में बिना किसी सूचना या अवकाश स्वीकृति के वर्षों तक सेवा से गायब रहना मरीजों की जान से खिलवाड़ और गंभीर अनुशासनहीनता माना गया है। सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि जिले में पदस्थापित कई चिकित्सक वर्षों से अनुपस्थित हैं। उनके विरुद्ध प्रपत्र-क गठित करने के बाद अब तामिला भेजा गया है। नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कर आगे की कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
किसी ने तीन तो किसी ने चार साल से नहीं दी सेवा
स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि कई डॉक्टरों ने पिछले तीन से चार सालों से अस्पताल की दहलीज तक नहीं लांघी है:
डॉ. सुबोध कुमार (असरगंज): 3 अगस्त 2022 से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं।
डॉ. पंकज कुमार (हवेली खड़गपुर): 14 अगस्त 2022 से अस्पताल नहीं पहुंचे हैं।
डॉ. हरेंद्र कुमार (सदर अस्पताल): 11 नवंबर 2022 से बिना सूचना के गायब हैं।
डॉ. आरती कुमारी: 4 जनवरी 2023 से ड्यूटी से नदारद हैं।
डॉ. अभिलाषा कुमारी: 28 जनवरी 2023 से अनुपस्थित हैं।
डॉ. योगेश: 4 फरवरी 2023 से अस्पताल में नहीं दिखे हैं।
डॉ. अब्दुल बहाब: 7 अक्टूबर 2025 से सेवा से गायब चल रहे हैं।
डॉ. तन्नू प्रिया (धरहरा): 14 नवंबर 2025 से बिना सूचना के गैरहाजिर हैं।
डॉ. रजनीश रंजन: 21 जनवरी 2026 से लगातार अनुपस्थित हैं।
डॉ. स्वर्ण किरण सिन्हा (टेटियाबंबर): 25 मई 2026 से अस्पताल से नदारद पाई गई हैं।
पक्ष जानने के बाद सेवा समाप्ति और निलंबन की होगी तैयारी
विभाग की ओर से तामिला की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब संबंधित चिकित्सकों को अपना पक्ष रखने और स्पष्टीकरण देने का अंतिम अवसर मिलेगा। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर इन चिकित्सकों द्वारा संतोषजनक कारण नहीं बताया गया, तो बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के तहत सेवा समाप्ति (बर्खास्तगी) की अंतिम अनुशंसा राज्य मुख्यालय को भेज दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के इस कड़े कदम से सुदूर ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों में वर्षों से गैरहाजिर रहने वाले डॉक्टरों और कर्मियों में हड़कंप मच गया है।
