CM सम्राट की पहल लाई रंग: फरक्का का गेट खुला, मुंगेर से लेकर भागलपुर तक घटने लगा गंगा का जलस्तर
मुंगेर में गंगा के जलस्तर में दस दिनों की बढ़ोतरी के बाद मंगलवार को कमी दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण फरक्का बराज के फाटकों का खुलना है।

फरक्का बराज खुलने से मुंगेर में गंगा का जलस्तर घटा
HighLights
दस दिनों बाद गंगा के जलस्तर में कमी आई।
फरक्का बराज के फाटक खुलने से जलस्तर घटा।
केंद्रीय जल आयोग ने जलस्तर में उतार-चढ़ाव बताया।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। पिछले दस दिनों से गंगा के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी के बाद मंगलवार को गंगा का जलस्तर कम हुआ। मंगलवार की सुबह के बाद जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोमवार की शाम से मंगलवार की सुबह 10 बजे तक जलस्तर में आठ सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई।
हालांकि, दोपहर दो बजे तक फिर से तीन सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ गया। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार की तीन बजे गंगा का जलस्तर 38.77 मीटर दर्ज किया गया, जबकि सुबह छह बजे 38.72 मीटर था। वहीं, सोमवार को जलस्तर 38.82 मीटर था।
तेजी से जलस्तर घटने का कारण फरक्का बराज का फाटक खुलना माना जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग के सहायक अभियंता रंजन कुमार का कहना है कि भागलपुर में पानी कमेगा तो यहां भी कम होगा। मुंगेर से भागलपुर की दूरी लगभग 70 किमी है।
उन्होंने कहा कि मानसून या बाढ़ के दिनों में पानी का बहाव 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाता है। ऐसे में यह दूरी तय करने में पांच से सात घंटे का समय लगता है। भागलपुर से फरक्का की दूरी 120 किमी और साहिबगंज 65 किमी है। इस कारण इन जगहों पर पानी तेजी से घटेगा।
उन्होंने कहा कि जब भागलपुर, कहलगांव और साहिबगंज में पानी कम होगा तो उसका असर सात से आठ घंटे में यहां भी देखने को मिलेगा।
उन्होंने बताया कि जलस्तर कम होने का एक कारण गंगा के ऊपरी हिस्से प्रयागराज, वाराणसी, बक्सर और पटना में कम होना भी है।
बता दें कि वर्ष 2025 में फरक्का बराज नहीं खुलने के कारण लगभग दो सप्ताह तक गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से ऊपर था।
बढ़ते जलस्तर के कारण फैल रहे पानी के कारण मुख्यमंत्री ने 23 अगस्त को फरक्का बराज खोलने का आग्रह किया था। इसके बाद 24 अगस्त को फरक्का बराज का फाटक खोल दिया गया और गंगा जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा।
