मुंगेर : धरहरा अंचल में घूसखोरी का वीडियो वायरल: क्लर्क ने ₹500 लेकर कहा- और पैसे लगेंगे; ADM बोले- होगी कार्रवाई
धरहरा अंचल कार्यालय में निम्नवर्गीय लिपिक कार्तिक यादव का घूस लेते हुए एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो ...और पढ़ें
HighLights
धरहरा अंचल में लिपिक कार्तिक यादव का घूस लेते वीडियो वायरल।
वीडियो में 500 रुपये लेकर और पैसों की मांग करते दिखा।
ADM ने मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
संवाद सहयोगी, धरहरा (मुंगेर)। धरहरा अंचल कार्यालय में बिना नजराना दिए काम नहीं होने की शिकायतों के बीच भ्रष्टाचार का एक और नया मामला सामने आया है। अंचल अधिकारी (सीओ) से जुड़ा गाली-गलौज का विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब कार्यालय में पदस्थापित निम्नवर्गीय लिपिक (LDC) कार्तिक यादव का घूस लेते हुए कथित वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित यह वीडियो दो से तीन दिन पुराना बताया जा रहा है। वीडियो में लिपिक कार्तिक यादव एक व्यक्ति से 500 रुपये नकद लेते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद वे कथित रूप से यह कहते सुने जा रहे हैं— "इतने रुपये में काम नहीं होगा, और राशि देनी पड़ेगी।"
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लगान निर्धारण के नाम पर अवैध वसूली का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला जमीन के लगान निर्धारण से जुड़े सरकारी काम के निष्पादन के दौरान का है। वीडियो में रुपये देने वाला रैयत लिपिक से कुछ राशि वापस लौटाने का अनुरोध करता सुनाई दे रहा है, लेकिन लिपिक की ओर से काम पूरा करने के एवज में और अधिक पैसों की मांग की जा रही है।
वीडियो के सार्वजनिक होते ही अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक महकमे में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

स्थानीय लोगों में आक्रोश, जांच की मांग
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि धरहरा अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज, परिमार्जन और लगान निर्धारण जैसे राजस्व कार्यों के लिए आम जनता को महीनों तक कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता है। ऐसे में यदि निर्धारित सरकारी प्रक्रिया और शुल्क से इतर कर्मियों द्वारा खुलेआम रिश्वत की मांग की जाती है, तो यह बेहद गंभीर मामला है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी कर्मी पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
सरकारी कोई भी कर्मी या पदाधिकारी है, वह जनता के काम लिए हैं। किसी काम में पैसा मांगना सरासर गलत और अपराध के दायरे में है। प्रशासन इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। लिपिक को निलंबित किया जाएगा। -निखिल धनराज निप्पाणीकर, डीएम, मुंगेर
"यदि नियम के विरुद्ध काम करने या रिश्वत लेने की कोई शिकायत या मामला सामने आता है, तो उसकी पूरी निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मी के विरुद्ध जल्द से जल्द सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकारी काम के एवज में पैसा लेना सरासर गलत और अपराध की श्रेणी में आता है।"
