मुंगेर में रास्ते व कुर्सी विवाद में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष; जमकर चले ईंट-पत्थर, महिलाओं समेत 9 घायल
Munger Crime News: मुंगेर के दरियापुर गांव में रास्ते और कुर्सी पर बैठने के मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले ...और पढ़ें
HighLights
मुंगेर के दरियापुर में रास्ते-कुर्सी विवाद पर हिंसा
दोनों पक्षों में जमकर पत्थरबाजी, लाठीचार्ज हुआ
महिलाओं सहित कुल नौ लोग गंभीर रूप से घायल
संवाद सहयोगी, मुंगेर। Munger Crime News: मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत दरियापुर गांव में गुरुवार की सुबह रास्ते और कुर्सी पर बैठने के मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तू-तू, मैं-मैं और गाली-गलौज से शुरू हुआ झगड़ा लाठी-डंडों और भीषण पत्थरबाजी में तब्दील हो गया।
दोनों तरफ से ताबड़तोड़ ईंट-पत्थर चलाए गए, जिससे पूरे गांव में अफरातफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस हिंसक झड़प में महिलाओं सहित दोनों पक्षों के कुल नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में सभी घायलों को इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अभिषेक आनंद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराया।
दोनों पक्षों से कुल नौ लोग जख्मी, अस्पताल में भर्ती
पत्थरबाजी और लाठी के वार से घायल हुए लोगों में एक पक्ष से वसंत कुमार पासवान, उज्ज्वल कुमार पासवान, रीता देवी, गगन कुमार, काजल कुमारी और भारती कुमारी शामिल हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से विपुल कुमार सिंह, मुकुल कुमार सिंह और मोनू कुमार सिंह गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों को सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोटें आई हैं और उनका इलाज सदर अस्पताल में जारी है।
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कुर्सी पर बैठने और ड्यूटी जा रही युवती से हाथापाई का आरोप
घटना के कारणों को लेकर पहले पक्ष के अजीत कुमार पासवान ने बताया कि भगवती स्थान के पास आम आवाजाही का पारंपरिक रास्ता है, जिसे दुर्गा पूजा के दौरान बांस-बल्ले लगाकर बंद कर दिया जाता है। गुरुवार सुबह गगन पासवान दुर्गा स्थान के समीप पहुंचकर वहां रखी कुर्सी पर बैठा था। आरोप है कि इसी बात को लेकर दूसरे पक्ष के लोग आगबबूला हो गए और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज करने लगे।
अजीत ने आरोप लगाया कि इसी दौरान सदर अस्पताल में संविदा पर कार्यरत उनकी पुत्री भारती कुमारी अपनी ड्यूटी पर जा रही थी, जिसे रोककर उसके साथ भी हाथापाई और बदसलूकी की गई। जब परिजनों ने इसका विरोध किया, तो लाठी-डंडे और पत्थरों से जानलेवा हमला बोल दिया गया, जिसके जवाब में दोनों ओर से जमकर पत्थर चले।
दूसरे पक्ष का आरोप- लाइट चोरी और विसर्जन के दौरान किया हमला
वहीं, दूसरे पक्ष के घायल विपुल कुमार सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अलग ही दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मां दुर्गा की पूजा के दौरान मंदिर में 56 प्रकार के महाभोग और भव्य महाआरती का आयोजन किया गया था। इस दौरान पंडाल से लाइट चोरी करने का आरोप गगन पासवान पर लगा था। पूछताछ और दबाव के बाद उसने लाइट वापस तो कर दी थी, लेकिन वह रंजिश पाले हुए था।

विपुल के अनुसार, गुरुवार सुबह जब मंदिर परिसर में कलश विसर्जन की अंतिम तैयारियां चल रही थीं, उसी समय गगन पासवान करीब दो दर्जन लोगों के साथ अचानक लाठी-डंडे और पत्थर लेकर पहुंचा और श्रद्धालुओं व विसर्जन की तैयारी में जुटे लोगों पर अंधाधुंध पथराव शुरू कर दिया, जिसमें वे लोग लहूलुहान हो गए।
गांव में पुलिस बल तैनात, लिखित आवेदन पर होगी कार्रवाई
घटना के बाद दरियापुर गांव में दोनों पक्षों के बीच भारी तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद सदर अस्पताल पहुंचकर घायलों का बयान लिया।
एसडीपीओ ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पहले से रास्ते और पूजा के दौरान कुछ बातों को लेकर विवाद चल रहा था। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। दोनों पक्षों से लिखित आवेदन मांगा गया है; आवेदन मिलते ही सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
