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मुंगेर-भागलपुर गंगा पथवे अब एलिवेटेड नहीं 'एट ग्रेड' बनेगा; सीताकुंड में  CM सम्राट चौधरी ने बदला प्रोजेक्ट का डिजाइन

Published: Wed, 16 Sep 2026 04:40 PM (IST)

मुंगेर-भागलपुर गंगा पथवे परियोजना के डिजाइन में बदलाव किया गया है; अब यह एलिवेटेड की बजाय 'एट ग्रेड' सड़क बनेगी। ...और पढ़ें

Munger Bhagalpur Ganga Pathway Project Design Change:  83 किमी लंबे गंगा पथवे का बदला स्वरूप! मुंगेर में CM सम्राट चौधरी बोले- एलिवेटेड नहीं 'एट ग्रेड' बनेगी सड़क

Munger Bhagalpur Ganga Pathway Project Design Change:  83 किमी लंबे गंगा पथवे का बदला स्वरूप! मुंगेर में CM सम्राट चौधरी बोले- एलिवेटेड नहीं 'एट ग्रेड' बनेगी सड़क

HighLights

  1. गंगा पथवे का डिजाइन एलिवेटेड से 'एट ग्रेड' में बदला।

  2. नई डिजाइन में गंगा की ओर मजबूत गाइड वॉल बनेगी।

  3. बाढ़ नियंत्रण और सुगम यातायात में सहायक होगी सड़क।

संवाद सहयोगी, मुंगेर। Munger Bhagalpur Ganga Pathway Project Design Change: मुंगेर से भागलपुर के बीच प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित 83 किलोमीटर लंबे गंगा पथवे परियोजना को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को एक बड़ा और महत्वपूर्ण ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट के मूल डिजाइन और संरचनात्मक स्वरूप में बदलाव किया गया है। अब यह महत्वाकांक्षी सड़क एलिवेटेड (पुलनुमा) नहीं बनाई जाएगी, बल्कि इसे पूरी तरह 'एट ग्रेड' (तय डिजाइन और सुरक्षित ऊंचाई वाली भू-स्तरीय सड़क) के रूप में धरातल पर उतारा जाएगा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परियोजना की नई रूपरेखा स्पष्ट करते हुए कहा कि नई डिजाइन के तहत इस सड़क के गंगा की ओर वाले हिस्से में एक सुदृढ़ 'गाइड वाल' का निर्माण किया जाएगा। यह गाइड वाल गंगा के जलस्तर में अत्यधिक वृद्धि होने पर भी पानी को रिहायशी और कृषि इलाकों में फैलने से रोकेगी।

उन्होंने बताया कि इस संरचना को दोहरे उद्देश्य के साथ तैयार किया जा रहा है—यह सामान्य दिनों में दोनों प्रमंडलों के बीच सुगम और निर्बाध यातायात का साधन बनेगी, वहीं मानसून और बाढ़ के समय एक सुरक्षात्मक तटबंध (बाढ़ नियंत्रण तंत्र) के रूप में कार्य करेगी। इस तकनीकी बदलाव से बाढ़ के दौरान मुख्य सड़क को होने वाली संरचनात्मक क्षति को पूरी तरह रोका जा सकेगा और सरकारी धन की भी बचत होगी।

8.5 लाख बाढ़ पीड़ितों के खातों में पहुंची जीआर राशि

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मुंगेर के सदर प्रखंड स्थित सीताकुंड हाई स्कूल परिसर में संचालित बाढ़ राहत शिविर पहुंचे थे। राहत शिविर में विस्थापित परिवारों से सीधा संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा की इस घड़ी में हर प्रभावित नागरिक के साथ चट्टान की तरह खड़ी है।

  • मुंगेर से भागलपुर के बीच प्रस्तावित 83 किलोमीटर गंगा पथवे का बदला डिजाइन; एलिवेटेड की जगह अब 'एट ग्रेड' बनेगी सड़क

  • सड़क के किनारे बनाई जाएगी मजबूत गाइड वाल; सामान्य दिनों में तेज आवागमन और बाढ़ के समय जल नियंत्रण में करेगी मदद

  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी जानकारी: बिहार में अब तक 8.5 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में भेजी गई जीआर राशि

  • केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बोले: कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय की टीमें कर रहीं सर्वे, किसानों को केंद्र से पूरी मदद

उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है और अब तक राज्य भर में करीब 8.5 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में जीआर (ग्रेच्युटस रिलीफ) की राशि सीधे ट्रांसफर (डीबीटी) की जा चुकी है। शेष पात्र पीड़ितों के खातों में भी धनराशि भेजने की प्रक्रिया चौबीसों घंटे युद्धस्तर पर जारी है।

CM Samrat Shivraj Visit Munger Flood Relief Camp Announce Aid

केंद्रीय टीमें कर रही हैं नुकसान का सर्वे: शिवराज सिंह चौहान

वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहत शिविर में रह रहे परिवारों को दी जा रही भोजन, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने शिविर परिसर में बच्चों के लिए विशेष रूप से संचालित किए जा रहे अस्थायी आंगनबाड़ी केंद्र का भी मुआयना किया और कहा कि आपदा के बीच नन्हे बच्चों के नियमित पोषण और स्वास्थ्य देखभाल का यह प्रयास सराहनीय है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गंगा के उफान से बिहार में भारी तबाही हुई है। केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और बिहार को संकट से उबारने के लिए हरसंभव वित्तीय व भौतिक मदद दी जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त तकनीकी टीमें बिहार के विभिन्न जिलों में बाढ़ और फसल क्षति का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कर रही हैं। सर्वे रिपोर्ट प्राप्त होते ही प्रभावित किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के पुनर्वास के लिए ठोस पैकेज पर काम होगा।

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