हाथों में आरती की थाली, सड़कों पर रंगोली! मुंगेर में रुकीं बड़ी दुर्गा; विसर्जन में देरी पर भी उमड़ा सैलाब
Munger Badi Durga Visarjan: मुंगेर में मां बड़ी दुर्गा की विसर्जन शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा, लेकिन धीमी ...और पढ़ें
HighLights
मुंगेर में मां बड़ी दुर्गा विसर्जन शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब।
धीमी गति के कारण विसर्जन में हुई अत्यधिक देरी, भक्त डटे रहे।
पड़ोसी जिलों से भी हजारों श्रद्धालु पहुंचे, भक्तिमय माहौल बना।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। Munger Badi Durga Visarjan: नयनों में जगतजननी के अंतिम दर्शन की आस, हाथों में सजी महाआरती की जगमगाती थाली और स्वागत में पलक-पांवड़े बिछाती सड़कों पर उकेरी गईं मनमोहक रंगोलियां। मुंगेर नगर में गुरुवार को मां बड़ी दुर्गा महारानी की विसर्जन शोभायात्रा के दौरान आस्था और समर्पण का ऐसा ही अलौकिक दृश्य देखने को मिला।
हालांकि, शोभायात्रा की अत्यधिक धीमी गति के कारण विसर्जन अपने तय समय से काफी पीछे छूट गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12 बजे तक विसर्जन की प्रक्रिया पूर्ण होनी थी, लेकिन मां की भव्य प्रतिमा काफी देर तक बड़ी बाजार में ही ठहरी रही। इसके बावजूद तपती धूप और लंबे इंतजार को दरकिनार कर हजारों श्रद्धालु मां के स्वागत में डटे रहे।
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कछुए की चाल से बढ़ी शोभायात्रा
गुरुवार को विसर्जन शोभायात्रा बेहद धीमी, लगभग कछुए की चाल से आगे बढ़ती रही। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और मुख्य मार्गों पर श्रद्धालु घंटों पहले से मां के आगमन की प्रतीक्षा में खड़े दिखे। किसी ने मां के स्वागत के लिए सड़क पर फूलों और अबीर से भव्य व आकर्षक रंगोलियां बनाई थीं!
चौराहों पर टकटकी लगाए रहे भक्त
महिलाएं और युवतियां पारंपरिक परिधानों में आरती की थाल सजाए खड़ी नजर आईं। विसर्जन मार्ग पर तिल रखने की जगह नहीं थी और हर आंख केवल मां बड़ी दुर्गा के मुखमंडल का दर्शन कर आशीर्वाद पाने को आतुर दिख रही थी। पूरे क्षेत्र में लगातार गूंजते जयकारों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बनाए रखा।
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बेगूसराय, खगड़िया और लखीसराय से भी पहुंचे हजारों श्रद्धालु
मां बड़ी दुर्गा की विदाई और इस पावन विसर्जन के साक्षी बनने के लिए केवल मुंगेर ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों से भी श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। बेगूसराय, खगड़िया और लखीसराय जिलों से हजारों की संख्या में भक्त मुंगेर पहुंचे। इनमें से कई श्रद्धालु तो बुधवार की देर रात से ही शहर के विभिन्न पड़ावों और गंगा घाटों के समीप डटे हुए थे। विसर्जन में कई घंटों का विलंब होने के बाद भी भक्तों के चेहरे पर न तो थकान दिखी और न ही उत्साह में कोई कमी आई।
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दो-तीन वर्षों से विसर्जन में देरी बनी चर्चा का विषय
इधर, निर्धारित समय पर शोभायात्रा के आगे न बढ़ने और लगातार हो रहे विलंब को लेकर श्रद्धालुओं के बीच तरह-तरह की चर्चाएं भी चलती रहीं। लोगों का कहना था कि पिछले दो-तीन वर्षों से विसर्जन के तय समय सारिणी का पालन नहीं हो पा रहा है, जिससे दूर-दराज से आने वाले वृद्धों, महिलाओं और बच्चों को लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ती है।
समय पर शोभायात्रा आगे न बढ़ने के तकनीकी या व्यावहारिक कारणों की वास्तविक स्थिति शादीपुर बड़ी दुर्गा संस्था अथवा जिला प्रशासन की ओर से ही स्पष्ट की जा सकती है। फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में शोभायात्रा को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जा रहा है और श्रद्धालु मां की अंतिम महाआरती के पावन क्षण का टकटकी लगाए इंतजार कर रहे हैं।
