हाइड्रोजन ट्रेन से वंदे भारत तक, जमालपुर में तय होगी भविष्य की रेल तकनीक की दिशा
जमालपुर स्थित इरिमी में 30 अक्टूबर से दो दिवसीय सेमिनार आयोजित होगा, जिसमें भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और भविष्य की तकनीकों पर चर्चा की जाएगी।

हाइड्रोजन ट्रेन से वंदे भारत तक, बिहार के जमालपुर में तय होगी भविष्य की रेल तकनीक की दिशा (AI Generated Image)
HighLights
इरिमी जमालपुर में दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन।
हाइड्रोजन, वंदे भारत ट्रेनों पर होगी गहन चर्चा।
रेल परिचालन सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने पर जोर।
संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और भविष्य की रेल तकनीकों को नई दिशा देने की तैयारी जमालपुर से होगी। भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण संस्थान (इरिमी) में 30 अक्टूबर से दो दिवसीय सेमिनार आयोजित होगा।
इसमें हाइड्रोजन ट्रेनसेट, वंदे भारत, अमृत भारत और नई वैगन नीति सहित रेल परिवहन में हो रहे तकनीकी बदलावों पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य नई तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग, रेलगाड़ियों की सुरक्षा, विश्वसनीयता और परिचालन क्षमता को बेहतर बनाने के रास्ते तलाशना है।

‘इंजीनियरिंग रोलिंग स्टॉक टेक्नोलॉजी’ विषय पर आयोजित इस सेमिनार में दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक जी. सुब्बाराव मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में शामिल होंगे।
दक्षिण पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पी. अनंत विशिष्ट अतिथि रहेंगे। इसके अलावा विभिन्न रेलवे जोनों के महाप्रबंधक, वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त रेल अधिकारी और उद्योग जगत के तकनीकी विशेषज्ञ भी हिस्सा लेंगे। इरिमि के डीन प्रेम प्रकाश के निर्देशन में आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं।
नई तकनीक से सुरक्षित और प्रभावी होगा परिचालन
सेमिनार में हाइड्रोजन ट्रेनसेट जैसी उभरती तकनीक के साथ वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनसेट की विशेषताओं पर चर्चा होगी। झटकारहित कपलर और नई वैगन नीति भी विमर्श के प्रमुख विषय होंगे।
रेलगाड़ियों के डिजाइन, निर्माण, रखरखाव और परिचालन में तकनीकी नवाचारों की भूमिका पर विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे।
नई तकनीकों से रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और प्रभावी बनाने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा।
जमालपुर की तकनीकी पहचान को मिलेगा नया आयाम
भारतीय रेल के प्रशिक्षण और तकनीकी ज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहचान रखने वाले जमालपुर स्थित इरिमि में इस आयोजन से अधिकारियों और विशेषज्ञों को एक मंच मिलेगा।
यहां होने वाला विमर्श भविष्य की रेल जरूरतों, आधुनिक रोलिंग स्टॉक और तकनीकी चुनौतियों को समझने में मददगार होगा।
इससे रेलकर्मियों के तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान और रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में नए विचारों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इरिमी के महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा के अनुसार, भारतीय रेल तेजी से आधुनिकीकरण के दौर से गुजर रही है। ऐसे में नई तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा महत्वपूर्ण है।
सेमिनार रेल अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को अनुभव साझा करने तथा नए तकनीकी समाधानों पर विचार करने का अवसर देगा।
