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जमालपुर रेल कारखाना: 164 साल पुरानी विश्वकर्मा पूजा परंपरा, आज आम जनता के लिए खुलेगा द्वार

Published: Wed, 16 Sep 2026 07:00 AM (IST)

जमालपुर रेल इंजन कारखाना में 164 वर्षों से चली आ रही विश्वकर्मा पूजा की परंपरा के तहत 16 सितंबर को कारखाना आम लोगों के लिए खुलेगा।

जमालपुर रेल कारखाना: 164 साल पुरानी विश्वकर्मा पूजा परंपरा, आज आम जनता के लिए खुलेगा द्वार

जमालपुर रेल कारखाना: 164 साल पुरानी विश्वकर्मा पूजा परंपरा, आज आम जनता के लिए खुलेगा द्वार

HighLights

  1. 164 वर्षों से चली आ रही औद्योगिक परंपरा का उत्सव।

  2. 16 सितंबर को आम लोगों के लिए खुलेगा कारखाना।

  3. विशाल मशीनें और तकनीकी उपकरण होंगे मुख्य आकर्षण।

संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। एशिया के गौरवशाली रेल इंजन कारखाना जमालपुर में विश्वकर्मा पूजा महज धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि 164 वर्षों से चली आ रही औद्योगिक परंपरा और विरासत का उत्सव है।

देशभर में 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा होगी, लेकिन जमालपुर रेल कारखाने में ब्रिटिश काल से चली आ रही परंपरा के तहत एक दिन पहले 16 सितंबर को पूजा होगी।

इस खास दिन कारखाने का मुख्य द्वार आम लोगों के लिए खोला जाएगा। कारखाना प्रशासन ने सार्वजनिक सूचना जारी कर बताया है कि लोग सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक परिसर का भ्रमण कर सकेंगे।

मुंगेर के साथ भागलपुर, सुल्तानगंज, लखीसराय, बेगूसराय, खगड़िया और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।

क्रेन से आधुनिक उपकरण तक का दीदार

आगंतुकों के लिए कारखाने की विशाल मशीनें और तकनीकी उपकरण आकर्षण का केंद्र रहेंगे। लोग 140 टन क्रेन, रेल इंजन, वैगन, टावर कार, वीएलसी रैक, जमालपुर जैक, बीटीपीएन वैगन और ट्रेन मैनेजर वैगन सहित विभिन्न उत्पादन व मरम्मत उपकरणों को करीब से देख सकेंगे।

परिवार के साथ पहुंचने वाले लोगों के लिए यह देश की औद्योगिक विरासत को करीब से समझने का अवसर होगा।

बड़ी भीड़ की संभावना, सुरक्षा का कड़ा पहरा

विश्वकर्मा पूजा और मेले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। आरपीएफ इंस्पेक्टर एके शर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आरपीएफ के साथ जिला पुलिस बल की भी तैनाती होगी।

सीसीटीवी से निगरानी के अलावा प्रवेश और निकास व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जाएगी।

जमालपुर में विश्वकर्मा पूजा की खासियत यही है कि यहां आस्था के साथ लोगों को देश की ऐतिहासिक रेल विरासत और तकनीकी क्षमता को करीब से देखने का अवसर मिलता है। यही परंपरा हर वर्ष 16 सितंबर को जमालपुर को अलग पहचान देती है।