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अंग्रेजों के जमाने की जमालपुर रेल कॉलोनियों की बदलेगी सूरत, 15 करोड़ से 2200 क्वार्टरों की होगी मरम्मत

Published: Mon, 12 Oct 2026 03:26 PM (GMT+05:30)

जमालपुर की ब्रिटिशकालीन रेलवे कॉलोनियों के कायाकल्प के लिए 15 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत हुई है।

जमालपुर की रेलवे कॉलोनियों का बदलेगा स्वरूप। (जागरण)

जमालपुर की रेलवे कॉलोनियों का बदलेगा स्वरूप। (जागरण)

HighLights

  1. जमालपुर रेलवे कॉलोनियों के विकास को 15 करोड़ स्वीकृत।

  2. 2200 जर्जर रेल क्वार्टरों की होगी मरम्मत, सुरक्षा बढ़ेगी।

  3. रामपुर, दौलतपुर, ईस्ट कॉलोनी में बुनियादी सुविधाएं सुधरेंगी।

केएम राज, जमालपुर (मुंगेर)। अंग्रेजों के जमाने में विकसित जमालपुर की रेलवे कॉलोनियां अब नए स्वरूप में नजर आएंगी।

वर्षों से जर्जर क्वार्टरों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे रेलकर्मियों के लिए राहत की पहल हुई है।

रेल इंजन कारखाना जमालपुर के इतिहास में पहली बार रामपुर, दौलतपुर और ईस्ट कॉलोनी के समग्र विकास के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति मिली है।

पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक की पहल पर स्वीकृत इस राशि से न केवल रेलकर्मियों के आवास सुधरेंगे, बल्कि कॉलोनियों को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में भी काम होगा।

योजना के तहत करीब पांच करोड़ रुपये कॉलोनियों की घेराबंदी पर खर्च किए जाएंगे। वहीं, लगभग 10 करोड़ रुपये से तीनों कॉलोनियों के रेलवे क्वार्टरों की मरम्मत कराई जाएगी। रेल प्रशासन अब कार्यों की रूपरेखा तैयार करने में जुटा है।

क्वार्टरों की मौजूदा स्थिति और रेलकर्मियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर मरम्मत की कार्ययोजना बनाई जाएगी। लक्ष्य है कि काम की गुणवत्ता ऐसी हो कि मरम्मत के बाद अगले पांच वर्षों तक सामान्य मरम्मत से जुड़ी शिकायतों में कमी आए।

2200 परिवारों के आशियाने संवारने की तैयारी

जमालपुर की तीनों रेलवे कॉलोनियों में करीब 2200 क्वार्टर हैं। इनमें रामपुर कॉलोनी में 800, दौलतपुर में 400 और ईस्ट कालोनी-अमझर क्षेत्र में लगभग 1000 क्वार्टर शामिल हैं।

इतने बड़े आवासीय परिसर में मरम्मत की योजना रेलकर्मियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आवासों की स्थिति सुधरने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को रोजमर्रा की परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।

लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के साथ कॉलोनियों को बेहतर आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित करने का अवसर भी मिलेगा।

सुरक्षा, रोशनी और मनोरंजन पर भी जोर

कॉलोनियों के विकास की पहल केवल क्वार्टरों की मरम्मत तक सीमित नहीं है। घेराबंदी से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की योजना है। सुरक्षा कैमरे, प्रवेश द्वार और बेहतर रोशनी जैसी सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है।

हाल में तीनों कॉलोनियों में ओपन जिम स्थापित किए गए हैं, जिनका लाभ रेलकर्मियों के साथ आसपास के बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी उठा रहे हैं।

प्रस्तावित कार्य पूरे होने पर आवासीय परिसर में सुरक्षा और सुविधाओं का बेहतर समन्वय तैयार होने की उम्मीद है। कॉलोनियों के विकास के लिए राशि स्वीकृत होने पर ईस्टर्न रेलवे मेंस कांग्रेस और मेंस यूनियन की कारखाना शाखा ने पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक तथा मुख्य कारखाना प्रबंधक के प्रति आभार जताया है।

यूनियन अध्यक्ष जितेंद्र कुमार और मेंस यूनियन के संयुक्त सचिव गोपाल जी ने इसे रेलकर्मियों के हित में महत्वपूर्ण पहल बताया। एससी-एसटी एसोसिएशन के सचिव सतीश कुमार भारती ने भी कॉलोनियों की समस्याओं को प्राथमिकता देने की बात कही।

धरातल पर दिखेगी योजना :सीडब्ल्यूएम

मुख्य कारखाना प्रबंधक विनय प्रसाद वर्णवाल ने बताया कि महाप्रबंधक की पहल और विशेष प्रयासों से तीनों कॉलोनियों के सर्वांगीण विकास के लिए बड़ी राशि स्वीकृत हुई है।

आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद कार्य धरातल पर उतारे जाएंगे। राशि का उपयोग रेलकर्मियों के हित और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।

तीन कॉलोनियां में विकास का खाका

कुल स्वीकृत राशि : लगभग 15 करोड़ रुपये
कॉलोनियों की घेराबंदी : करीब 5 करोड़ रुपये
क्वार्टरों की मरम्मत : करीब 10 करोड़ रुपये
कुल आवास : लगभग 2200 क्वार्टर
रामपुर कॉलोनी : 800 क्वार्टर
दौलतपुर कॉलोनी : 400 क्वार्टर
ईस्ट कॉलोनी-अमझर : लगभग 1000 क्वार्टर