विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जमालपुर PHC में फर्जीवाड़ा: आशा बहाली में 1 लाख तक की वसूली, फर्जी बैठक कर उड़ाए मरीज कल्याण फंड के पैसे

Published: Tue, 18 Aug 2026 07:56 PM (GMT+05:30)

जमालपुर पीएचसी में आशा बहाली और रोगी कल्याण समिति के फंड में लाखों की कथित अनियमितता का मामला सामने आया ...और पढ़ें

जमालपुर पीएचसी में आशा बहाली और फंड में बड़े घोटाले की जांच शुरू

जमालपुर पीएचसी में आशा बहाली और फंड में बड़े घोटाले की जांच शुरू

HighLights

  1. आशा बहाली में 60 हजार से एक लाख की वसूली का आरोप।

  2. रोगी कल्याण फंड से फर्जी बैठकें दिखाकर लाखों की निकासी।

  3. विधायक के हस्तक्षेप के बाद सिविल सर्जन ने जांच के आदेश दिए।

संवाद सूत्र, जमालपुर (मुंगेर)। जमालपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सोमवार को हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में गंभीर आरोपों से हड़कंप मच रहा। आठ महीने पूर्व गठित समिति की पहली बैठक प्रखंड कार्यालय में बीडीओ श्वेता कुमारी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आशा बहाली से लेकर रोगी कल्याण समिति के फंड तक में कथित अनियमितता का मामला उठाया गया।

बीस सूत्री अध्यक्ष मुनीलाल मंडल ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अशोक पासवान और स्वास्थ्य प्रबंधक शिव प्रकाश पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आशा बहाली में 60 हजार से एक लाख रुपये तक वसूली किए जाने की शिकायत सामने आई है।

आरोप है कि योग्य अभ्यर्थियों को दरकिनार कर पैसे के आधार पर चयन किया गया। समिति सदस्यों के अनुसार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 80-90 आशा की बहाली हुई है, लेकिन अब तक चयनित अभ्यर्थियों को आइडी नहीं मिली है। चयन सूची भी सार्वजनिक नहीं की गई है।

सदस्यों ने पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कर बहाली रद करने की मांग की है। मामले की लिखित शिकायत डीएम और सिविल सर्जन से की गई है।

फर्जी बैठक दिखाकर निकासी

दूसरा गंभीर आरोप रोगी कल्याण समिति की बैठकों को लेकर है। सदस्यों ने आरोप लगाया कि कई महीनों तक समिति की वास्तविक बैठक नहीं हुई, लेकिन रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर और प्रस्ताव तैयार कर बैठक दिखा दी गई।

आरोप है कि इसी कागजी प्रक्रिया के आधार पर मरीज कल्याण फंड से लाखों रुपये की निकासी की गई। मामला विधायक नचिकेता मंडल के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने सख्ती दिखाई।

विधायक ने सिविल सर्जन डॉ. राजू से फोन पर पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गरीब मरीजों के इलाज के लिए मिले फंड में गड़बड़ी और आशा बहाली में कथित वसूली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।

सिविल सर्जन ने बताया कि आशा बहाली और पदस्थापन की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

पीएचसी की बदहाली पर भी सवाल

बैठक में पीएचसी की व्यवस्था पर भी सदस्यों ने नाराजगी जताई। मरीजों की देखभाल, भोजन, सफाई और जेनरेटर संचालन में लापरवाही का आरोप लगाया गया। बीडीओ श्वेता कुमारी ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बैठक में दिनेश मंडल, उत्तम दास, सन्नी कुमार, सुभाष, अनिल पासवान, शंकर पाठक, मुनीलाल मंडल और मनीष दयाल गोस्वामी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।