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मालदा मंडल : एक ही ट्रैक पर दौड़ा दिए दो इंजन, आमने-सामने जोरदार टक्कर; जमालपुर लोको शेड में 4 रेलकर्मी सस्पेंड

Published: Thu, 10 Sep 2026 09:19 AM (IST)

जमालपुर लोको शेड में शंटिंग के दौरान एक ही ट्रैक पर दो इंजनों की टक्कर के बाद चार रेलकर्मियों को ...और पढ़ें

Jamalpur Loco Shed Engine Collision: एक ही ट्रैक पर दो इंजन आमने-सामने भिड़े, पटरी से उतरा इंजन; दो ALF और दो लोको पायलट निलंबित

Jamalpur Loco Shed Engine Collision: एक ही ट्रैक पर दो इंजन आमने-सामने भिड़े, पटरी से उतरा इंजन; दो ALF और दो लोको पायलट निलंबित

HighLights

  1. जमालपुर लोको शेड में एक ही ट्रैक पर टकराए दो इंजन।

  2. सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर चार रेलकर्मी निलंबित किए गए।

  3. मालदा मंडल की जांच में परिचालन समन्वय की कमी उजागर हुई।

संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल अंतर्गत ऐतिहासिक जमालपुर डीजल लोको शेड में शंटिंग के दौरान गंभीर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करना चार रेलकर्मियों को भारी पड़ गया। एक ही ट्रैक पर एक साथ दो इंजन भेज दिए जाने और उनके बीच हुई जोरदार टक्कर के मामले में रेलवे प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए दो असिस्टेंट लोको फोरमैन (एएलएफ) तथा दो लोको पायलटों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

उच्चस्तरीय जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सीनियर डीएमई केके दास ने यह दंडात्मक कार्रवाई की है। इसके साथ ही चारों निलंबित रेलकर्मियों के विरुद्ध वृहद दंड के तहत विभागीय आरोप पत्र (चार्जशीट) गठित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह सनसनीखेज घटना एक सितंबर को लोको शेड के आंतरिक शंटिंग यार्ड में घटी थी। नियमित मेंटेनेंस और आवाजाही के लिए इंजनों की शंटिंग की जा रही थी।

  • जमालपुर लोको शेड में शंटिंग के दौरान सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी, एक ही ट्रैक पर आमने-सामने टकराए दो रेल इंजन

  • हादसे में एक इंजन हुआ बेपटरी, सीनियर डीएमई केके दास ने जांच रिपोर्ट के आधार पर चार रेलकर्मियों को किया निलंबित

  • निलंबित कर्मियों में दो असिस्टेंट लोको फोरमैन (एएलएफ) और दो लोको पायलट शामिल, विभागीय चार्जशीट देने की प्रक्रिया शुरू

  • मालदा रेल मंडल के निर्देश पर हुई जांच में खुली परिचालन और समन्वय की पोल; घटना के बाद लोको शेड में बढ़ी सतर्कता

इसी दौरान परिचालन समन्वय के अभाव और सिग्नल संबंधी गंभीर चूक के चलते एक ही ट्रैक पर दोनों ओर से दो इंजन आमने-सामने आ गए। इससे पहले कि चालक स्थिति संभाल पाते, दोनों इंजनों के बीच सीधी और जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक इंजन का चक्का पटरी से नीचे उतर गया। तेज आवाज और झटके के साथ हुए इस हादसे के बाद पूरे शेड परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही तकनीकी दल और वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और घंटों मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया।

मालदा मंडल की जांच में खुली समन्वय की पोल

इंजन बेपटरी होने की घटना को मालदा रेल मंडल मुख्यालय ने बेहद गंभीरता से लिया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गठित जांच कमेटी ने शंटिंग ड्यूटी पर तैनात तकनीकी कर्मियों की भूमिका, आपसी समन्वय, वॉकी-टॉकी संचार, शंटिंग सिग्नल और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुपालन की बिंदुवार पड़ताल की। जांच में पाया गया कि ट्रैक क्लीयरेंस और पॉइंट्समैन व लोको पायलट के बीच उचित तालमेल के बिना ही इंजन को आगे बढ़ा दिया गया था। जांच समिति ने ड्यूटी पर तैनात दो एएलएफ और दोनों इंजनों के लोको पायलटों को प्रथम दृष्टया दोषी ठहराया, जिसके आधार पर निलंबन का आदेश जारी हुआ।

शेड में बढ़ी सख्ती, सुरक्षा मानकों की कड़ी मॉनिटरिंग

चार कर्मियों पर एक साथ गाज गिरने के बाद जमालपुर लोको शेड में परिचालन और मेंटेनेंस को लेकर सतर्कता काफी बढ़ा दी गई है। अब किसी भी इंजन को ट्रैक पर मूव करने से पहले एएलएफ, लोको पायलट और शंटिंग मास्टर के बीच मल्टी-लेवल क्रॉस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।

रेलवे प्रशासन का साफ संदेश है कि संरक्षा और सुरक्षा नियमों में किसी भी तरह की लापरवाही या मानवीय भूल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की खतरनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ही यह कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।