दार्जिलिंग भूल जाएंगे! मुंगेर की काली पहाड़ी से फूटी दूधिया जलधारा; जमालपुर के झरने का अद्भुत रूप देख चले आ रहे लोग
Jamalpur Kali Pahari Waterfall: मानसून की झमाझम बारिश के बाद जमालपुर की काली पहाड़ी का प्राकृतिक झरना जीवंत हो उठा ...और पढ़ें

Jamalpur Kali Pahari Waterfall: जमालपुर की काली पहाड़ी पर उमड़ा झरना, ककोलत और दार्जिलिंग जैसा बना नजारा; उमड़ रही पर्यटकों की भीड़
HighLights
मानसून से काली पहाड़ी का झरना जीवंत हुआ, मनमोहक दृश्य।
सैकड़ों पर्यटक स्नान, सेल्फी और पिकनिक के लिए पहुंच रहे।
स्थानीय लोग इसे पर्यटन स्थल बनाने की मांग कर रहे।
संवाद सूत्र, जमालपुर (मुंगेर)। Jamalpur Kali Pahari Waterfall: मानसून की झमाझम बारिश ने मुंगेर जिले के जमालपुर स्थित ऐतिहासिक काली पहाड़ी के नैसर्गिक सौंदर्य को निखार दिया है। पिछले एक सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही वर्षा के बाद पहाड़ी की गोद से फूटा प्राकृतिक झरना इन दिनों सैलानियों के लिए बड़ा आकर्षण बन गया है। ऊंची हरी-भरी पहाड़ियों और विशाल चट्टानों के बीच से नीचे गिरती जलधारा का दृश्य ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो नवादा का प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात या दार्जिलिंग के पहाड़ी झरने की छटा जमालपुर में ही उतर आई हो।
काली पहाड़ी की चोटियों से नीचे की ओर वेग से गिरती पानी की दूधिया धार और चारों ओर फैली घनी हरियाली किसी का भी मन मोहने के लिए काफी है। मानसून के इस मौसम में पहाड़ी की खूबसूरती देखते ही बन रही है। जैसे ही इलाके में झरने के दोबारा जीवंत होने की खबर फैली, रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग इस मनमोहक प्राकृतिक दृश्य का आनंद उठाने पहुंचने लगे हैं। छुट्टी के दिनों में तो यहां पिकनिक जैसा माहौल बन जाता है।
स्नान का रोमांच और मोबाइल में खूबसूरत लम्हों को कैद करने की होड़
पर्यटकों में केवल युवा ही नहीं, बल्कि महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे भी परिवार के साथ पहुंच रहे हैं। तेज गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए कई लोग झरने के ठंडे पानी में स्नान कर रहे हैं। वहीं, युवाओं की टोलियों में इस दिलकश नजारे के साथ सेल्फी लेने, वीडियोग्राफी करने और सोशल मीडिया के लिए रील बनाने की होड़ मची है। दूर-दराज के इलाकों से आने वाले लोग भी इस प्राकृतिक सौगात को देखकर आश्चर्यचकित हैं कि जमालपुर की धरती पर प्रकृति का ऐसा अनुपम उपहार मौजूद है।
पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दरकार
स्थानीय नागरिकों और प्रकृति प्रेमियों का कहना है कि काली पहाड़ी और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र प्राकृतिक रूप से बेहद समृद्ध है। यदि राज्य सरकार और पर्यटन विभाग इस दिशा में ठोस पहल करे, तो यह स्थल मुंगेर और जमालपुर का प्रमुख इको-टूरिज्म केंद्र बन सकता है।
लगातार बारिश के बाद जमालपुर की काली पहाड़ी से बह निकला मनोहारी प्राकृतिक झरना, ककोलत जलप्रपात जैसा दिखा विहंगम दृश्य
सैकड़ों फीट की ऊंचाई से पत्थरों पर गिरती पानी की दूधिया धार पर्यटकों और स्थानीय प्रकृति प्रेमियों के आकर्षण का बनी केंद्र
परिवार, बच्चों और युवाओं की टोली पहुंच रही सैर-सपाटे पर; झरने में स्नान के साथ सेल्फी व रील बनाने की मची होड़
पर्यटन की अपार संभावनाओं को समेटे है यह पहाड़ी, प्रशासन से बेहतर सड़क, सुरक्षा और रेलिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि झरने तक पहुंचने के लिए पक्के रास्तों का निर्माण, पर्यटकों की सुरक्षा के लिए मजबूत रेलिंग, बैठने की व्यवस्था और रोशनी का उचित प्रबंध किया जाए। साथ ही, खतरनाक ढलानों और फिसलन भरी चट्टानों के पास सुरक्षा चेतावनी बोर्ड लगाए जाने की भी जरूरत है, ताकि किसी भी अप्रिय हादसे को रोका जा सके और लोग सुरक्षित माहौल में इस प्राकृतिक छटा का आनंद ले सकें।
