संवाद सहयोगी, मुंगेर : सदर अस्पताल के स्वाथ्स्य प्रबंधक तौसिफ हसनैन की लापरवाही पर खुद विभाग के लोग ही पर्दा डाल रहे हैं। कोरोना की भयावह स्थिति में प्रबंधक ने रौब दिखाकर कई को खतरे में डाला है। कोरोना चेन फैलाने की पटकथा तक लिख दी। इसके बाद भी जिला स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी मौन धारण किए हैं। बड़ी लापरवाही बरते जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से प्रबंधक का मनोबल बढ़ गया है। ऐसे में कोरोना को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से जो दावे किए जा रहे हैं, उससे साफ पता चलता है कि लोगों की सेहत को लेकर कितना चितित है। अब तो राजनीतिक दलों ने भी सवाल उठाना शुरू कर दिया है। सवाल यह है कि आखिरकार स्वास्थ्य विभाग सबकुछ जानते हुए अनजान क्यों बना हुआ है। --------------------------- जदयू जिलाध्यक्ष ने आवाज की बुलंद जदूय के जिलाध्यक्ष संतोष सहनी ने सदर अस्पताल के प्रबंधक तौसिफ हसनैन पर विभागीय कारवाई करते हुए निलंबन की मांग डीएम और सिविल सर्जन से की। उन्होंने कहा है कि जिले में कोरोना संक्रमण का मामला थम नही रहा है। प्रबंधक ने लोगों को दहशत में डाल दिया है। अस्पताल प्रबंधक की लापरवाही आम लोगों की सेहत पर पड़ने की उम्मीद है। प्रबंधक की ओर से बरती गई लारवाही समझ से परे हैं। आखिकार किसी वजह से 10 वर्षों से एक ही जगह पर जमे हैं। सरकार को मामले से अवगत कराया जाएगा। -------------------------- शीघ्र कारवाई नहीं तो आंदोलन भाजपा नेता कृष्णा मंडल ने बयान जारी करते हुए कहा जिलाधिकारी नवीन कुमार और सिविल सर्जन डा. हरेन्द्र कुमार आलोक स्वास्थ्य विभाग को पटरी पर लाने के लिए हरंसभव प्रयास कर रहें है। अस्पताल प्रबंधक मरीजों को सुविधा देने की जगह लापरवाही बरती है। अस्पताल में दलाल सक्रिय हैं। जिम्मेदार पद पर बैठे अस्पताल प्रबंधक तौसिफ हसनैन ने आखिरकार किसके आदेश पर दो दिनो तक संक्रमित डेटा आपरेटर से काम लेते रहे। 10 वर्षो से एक जगह पर कार्यरत है। इसकी शिकायत स्वास्थ्य से की जाएगी। कारवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।

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