मुंगेर । शहर के गली-मुहल्लों को रोशन करने के लिए नगर निगम क्षेत्र में हाइमास्ट और स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थी, इसमें ज्यातार लाइटें तकनीकी गड़बड़ी की वजह से कई जगहों पर काम नहीं कर रहा है। कुछ जगह सही भी है तो उससे रोशनी नहीं निकल रही है। ऐसे में शाम होते ही गली-मुहल्ला अंधेरे में डूब जाता है। उचित तरीके से देखभाल नहीं होने से कई हाइमास्ट लाइट दिन में भी जलता है। इससे एक तरफ खराब होने की संभावना है तो दूसरी ओर बिजली की बर्बादी हो रही है। सरकार जिस ऊर्जा को बचाने के लिए मशक्कत कर रही है, वह ऊर्जा निगम क्षेत्र में दिन के उजाले में बेकार हो जा रहा है। हम बात शंकरपुर के काला पत्थर की करते हैं, यहां हाइमास्ट लाइट लगे तीन माह गुजर गया है, लेकिन अब तक इससे रोशनी नहीं निकली है। शंकरपुर के समाजसेवी राजु ने कहा शाम होते ही इलाका अंधकार में तब्दील हो जाता है। ऐसे में अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश घटनाओं को अंजाम देते हैं। इन्होंने निगम और बिजली विभाग के आलाधिकारियों से शीघ्र लाइट को स्तित्व में लाने की मांग की है। सदर अस्पताल रोड,किला परिसर, नीलम रोड इलाके में हाइमास्ट लाइट बंद है। ऐसे में नगर वासियों को शाम के बाद काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार की ओर से शहर को जगमग करने के लिए लाखों रुपये खर्च किया गया है, लेकिन इसका फलाफल नहीं दिख रहा है।

ज्यातार लाइटें तकनीकी गड़बड़ी की वजह से कई जगहों पर नहीं कर रहा काम - शंकरपुर के काला पत्थर में तीन माह पहले लगी लाइट अब तक नहीं हो सका चालू

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