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मुंगेर बाढ़ राहत शिविर में CM सम्राट चौधरी का अंगिका अंदाज; बोले- 'हम्मे छियै नऽ, खाना खैलहो कि नैय'

Published: Wed, 16 Sep 2026 06:15 PM (IST)

Munger Flood Relief CM Samrat Choudhary Angika Dialect: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर के सीताकुंड स्थित बाढ़ राहत शिविर का ...और पढ़ें

Munger Flood Relief CM Samrat Choudhary Angika Dialect: खाना खैलहो, कौनो दिक्कत हो तऽ बतइहो! मुंगेर में बाढ़ पीड़ितों से अंगिका में बोले CM सम्राट- हम्मे छियै नऽ, भरोसा रखो

Munger Flood Relief CM Samrat Choudhary Angika Dialect: खाना खैलहो, कौनो दिक्कत हो तऽ बतइहो! मुंगेर में बाढ़ पीड़ितों से अंगिका में बोले CM सम्राट- हम्मे छियै नऽ, भरोसा रखो

HighLights

  1. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर बाढ़ राहत शिविर का दौरा किया।

  2. उन्होंने अंगिका बोली में पीड़ितों से सीधा संवाद किया।

  3. बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

संवाद सहयोगी, मुंगेर। Munger Flood Relief CM Samrat Choudhary Angika Dialect: मुंगेर के सीताकुंड स्थित बाढ़ राहत शिविर में बुधवार को उस समय बेहद भावुक और आत्मीय दृश्य देखने को मिला, जब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी प्रोटोकॉल और औपचारिकताएं पीछे छोड़ पूरी तरह ठेठ देहाती व स्थानीय अंदाज में पीड़ितों के बीच पहुंच गए। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ राहत और भोजन व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री सीधे भोजन कर रहे विस्थापित परिवारों के पास पहुंचे।

उन्होंने अपनी मिट्टी की बोली अंगिका में बेहद सहज होकर पूछा— ‘खाना खैलहो, कौनो दिक्कत हो तऽ बतइहो... खाना में कौन-कौन चीज मिल्लहौं, स्वादिष्ट छै कि नैय।’ सत्ता के शीर्ष पर बैठे मुख्यमंत्री के मुंह से अपनी ही मातृभाषा सुनकर पिछले कई दिनों से आपदा का दंश झेल रहे बाढ़ पीड़ितों के चेहरे पर बरबस मुस्कान तैर गई।

  • सीताकुंड राहत शिविर में ठेठ अंगिका बोली में बाढ़ पीड़ितों से मुखातिब हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी; पूछा- 'खाना खैलहो कि नैय'

  • रांगा मुसहरी की पीड़ित महिलाओं ने रोते हुए सुनाई व्यथा- 'बाढ़ में सब सामान डूब गेलै, बकरियो मैर गेलै; रोजी-रोटी का संकट'

  • भेलवा दियारा के विस्थापितों ने हर साल आने वाली बाढ़ से निजात के लिए सुरक्षित और सूखी जगह पर जमीन उपलब्ध कराने की लगाई गुहार

  • मुख्यमंत्री ने आत्मीय अंदाज में बंधाया ढांढस- 'हम्मे छियै नऽ... बाढ़ समाप्त होयऽ दहो, सब समस्या के समाधान होय जैयतै'

मुख्यमंत्री की इस आत्मीयता को देख राहत शिविर में शरण लिए पीड़ितों का दर्द छलक पड़ा। कटरिया पंचायत अंतर्गत रांगा मुसहरी की निर्मला देवी, ननकी देवी, बुधनी देवी और ललिता देवी ने करुण स्वर में कहा— ‘बाबू, खाना त ठीकै मिलै छै, खाना बढ़िया भी छै। लेकिन ई बाढ़ में हमरा सनी के सब सामान डूब गेलै। बकरियो मैर गेलै। अब हम्मे सनी केना के अप्पन परिवार के पालबै बाबू।’

Slug  cm samrat chaudhary connects with munger flood victims in angika (1)

पीड़ित महिलाओं ने बिलखते हुए बताया कि वे बकरी पालन करके ही अपने बच्चों का पेट पालती थीं। गंगा के प्रलयंकारी पानी ने न केवल उनके आशियाने और घरेलू सामान छीने, बल्कि आजीविका का एकमात्र सहारा भी छीन लिया। उन्होंने शिविर में मिल रहे भोजन और कपड़े के लिए आभार जताते हुए मवेशी व गृह क्षति का उचित मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई।

'हर साल डूबै छै घर, कब तक शिविर में रहबै'

शिविर में मौजूद भेलवा दियारा के विस्थापित सदानंद महतो, संजय चौधरी, निगम देवी, धर्मशीला देवी और शीला देवी ने हर साल विस्थापन का दंश झेलने की स्थायी पीड़ा मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। पीड़ितों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा— ‘बाबू, हमरा सबके घर हर साल बाढ़ में डूब जाय छै। हर साल हम्मे सनी बेघर होय के शिविर में आबै लऽ मजबूर होय छियै।’ पीड़ितों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि उन्हें दियारा से हटाकर किसी सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर घर बनाने के लिए जमीन का छोटा टुकड़ा उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें हर साल बाढ़ के दिनों में बेघर होकर राहत शिविरों में दर-दर न भटकना पड़े।

'हम्मे छियै नऽ... सब समस्या के समाधान होय जैयतै'

महिलाओं और बुजुर्गों की व्यथा को मुख्यमंत्री ने बेहद संजीदगी और ध्यान से सुना। उन्होंने पीड़ितों के सिर पर हाथ रखकर उसी स्थानीय बोली में भरोसा दिलाते हुए कहा— ‘तोरा सनी के कोय दिक्कत नै होय लऽ देबै। हम्मे छियै नऽ। बाढ़ समाप्त होयऽ दहो, सब समस्या के समाधान होय जैयतै।’ मुख्यमंत्री के इस आत्मीय आश्वासन ने संकट में घिरे परिवारों में नई उम्मीद जगाई।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ मुंगेर के जिला प्रभारी मंत्री संजय कुमार, मुंगेर विधायक कुमार प्रणय, जमालपुर विधायक नचिकेता मंडल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार पोद्दार, जदयू जिलाध्यक्ष सौरभ निधि, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, डीआईजी राकेश कुमार, जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर, एसपी सैयद इमरान मसूद, राजेश जैन व अजफर शमसी सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और वरीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।