मधुबनी। जयनगर प्रखंड के पन्द्रह पंचायतों के विभिन्न मोहल्लों एवं गांवों के जर्जर सड़क एवं नाला का निर्माण नहीं होने से लोगों के लिए आवागमन दुरूह बना हुआ है। बरसात का मौसम प्रारंभ हो चुका है, मानसून ने दस्तक दे दी है, एक बार फिर प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में आमजनों को जर्जर सड़क एवं नाला का निर्माण नहीं होने से जलजमाव की भीषण समस्या से दो चार होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत ग्राम पंचायत द्वारा पक्की नाली व गली का निर्माण किया जाना है। योजना के तहत प्रखंड के अधिकांश पंचायतों में कार्य प्रारंभ नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रखंड क्षेत्र में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत मुख्य सड़क से गांवों को जोड़ने वाली सड़क एवं एक गांव से दूसरे गांवों को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण में भी विभागीय अभियंताओं की उदासीन कार्यशैली के कारण कई महत्वपूर्ण सड़क निर्माण की योजना अधर में लटका पड़ा है। जिन गांवों में मुख्य सड़क का निर्माण हो चुका है, वहां जलनिकासी का समुचित प्रबंध नहीं किए जाने से लोगों को जलजमाव की समस्याओं से दो चार होना पर रहा है। इन गांवों में है सड़क निर्माण अधूरा: - एनएच 104 से पीठवाटोल गांव जाने वाली मुख्य सड़क के निर्माण की मांग ग्रामीण दशकों से करते आ रहें है, लेकिन इन गांववालों का फरियाद आज तक नहीं सुना जा सका है। जब गांव में सड़क का निर्माण ही नहीं हो सका है, तो नाला निर्माण की बात करना ही बेमानी है। - रजौली गांव को परसा गांव से जोड़ने वाली सड़क एवं धमियांपट्टी गांव में परमानन्द झा के घर से सहदेव कामत एवं महेन्द्र मंडल के घर तक सड़क निर्माण नहीं होने से लोग परेशान है। - दुल्लीपट्टी एवं बरही पंचायत के कई मुहल्लों के सड़क के जर्जर अवस्था में रहने के कारण बरसात के समय में गांव के लोगों के लिए आवागमन दुरूह बना हुआ है। - मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत अधिकांश पंचायतों में कार्य प्रारंभ नहीं होने के कारण सभी गांव के लोग इस बरसात में एक बार फिर जलजमाव के कारण जलालत भरी जिन्दगी जीने को मजबूर होंगे। कहते हैं अधिकारी: सड़क एवं नाला निर्माण से जुड़े विभागीय अभियंता और पदाधिकारी पूछे जाने पर शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।

Posted By: Jagran

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