मधुबनी। भादव शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी पर आज जिले भर में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना होगी। भविष्य पुराण में अनंत पूजा की विधान के अनुरूप शहर के स्टेशन चौक स्थित हनुमान प्रेम मंदिर, गंगासागर काली मंदिर परिसर स्थित चैती दुर्गा मंदिर सहित शहर के अन्य स्थलों पर अनंत पूजा का आयोजन होगा। अनंत पूजा बाद श्रद्धालु अनंत धारण कर प्रसाद ग्रहण करेंगे। सुख-शांति हेतु प्रार्थना के लिए अनंत चतुदर्शी पर पूजा-अर्चना के लिए देवालयों में लोगों की भीड़ उमड़ेगी। अनंत चतुर्दशी लेकर सुबह से ही घरों में भक्तिमय माहौल में प्रसाद के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए जाएंगे। अनंत चतुर्दशी को लेकर बाजार में 14 गांठ वाले विभिन्न प्रकार के रक्षासूत्र के अलावा फलों की बिक्री होती रही। शहर के विभिन्न हिस्सों में रक्षासूत्र की खरीदारी के लोग बाजार पहुंचते रहे।

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अनंत चतुर्दशी अनुष्ठान का शुभ मुहूर्त : सुबह 5.55 से 8.55 तक तथा अपराह्न 10. 28 से 11. 59 बजे तक

फोटो 11 एमडीबी 16 ज्योतिषाचार्य पंडित ऋषिनाथ झा ने बताया कि मिथिला पंचांग के अनुसार अनंत चतुर्दशी अनुष्ठान का शुभ मुहूर्त गुरुवार सुबह 5.55 से 8.55 तक तथा अपराह्न 10. 28 से 11. 59 बजे तक है। सुबह स्नान कर नया वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लेकर पूजा स्थल पर कलश स्थापित किया जाना चाहिए। पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की तस्वीर के समक्ष अनंत व्रत की कथा की समाप्ति पर 14 गांठ वाले रक्षासूत्र पुरुष रक्षासूत्र को दाएं हाथ तथा महिलाएं बाएं हाथ के बाजू पर बांधेगें। मान्यता है कि लगातार 14 वर्षों तक अनंत चतुर्दशी व्रत रखने पर विष्णु लोक की प्राप्ति होती है। अनंत चतुर्दशी व्रत का उल्लेख महाभारत में भी मिलता है। मान्यता है कि नाना प्रकार के बाधाओं को दूर कर सुख-शांति प्रदान करने वाले अनंत चतुर्दशी व्रत पांडवों ने उस समय किया था जब ने वन-वन भटक रहे थे।

Posted By: Jagran

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