मधुबनी। सरेआम बिक्री होने मिलावटी व घटिया किस्म के तेल मसालों से तैयार खाद्य पदार्थों का सेवन विभिन्न रोगों को बढ़ावा देता है। फास्ट फूड दुकान पर बिक्री को रखे खाद्य वस्तुओं की स्वच्छता की अनदेखी आम बात हो गई है। शहर के मिठाई प्रतिष्ठानों पर बिक्री को रखे गए मिठाइयों की शुद्धता व कारखाना में भी स्वच्छता का ख्याल नहीं रखा जाता है। गंगासागर चौक, बाटा चौक, चूड़ी बाजार चौक, स्टेशन चौक, शंकर चौक, तिलक चौक, गदियानी चौक, थाना चौक, कोर्ट परिसर सहित स्थित सड़क किनारे चल रहे छोले-भटूड़े के दुकानों पर खाद्य तेल, अचाड़ व छोला की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे है। मिलावटी लड्डूओं का लगता भोग शहर के विभिन्न मंदिरों के आसपास प्रसाद के रूप में भोग लगाए जाने वाले लड्डू, पेड़ा, नारियल बर्फी, बेसन लड्डू सहित अन्य मिष्टान्नों में मिलावट का धंधा जोरों पर चल पड़ा है। प्रसाद के लिए बिक्री होने वाले लड्डू में बाहर से मंगाए गए ¨सथेटिक बुंदिया का धड़ल्ले से प्रयोग किया जाता है। पेड़ा भी बाहर से मंगाए गए होते हैं। मिलावटी मिठाइयों में बाहर से मंगाई गई रेडिमेड मिठाइयां शामिल होती हैं। खरीदारों को लगा रहे चूना मुजफ्फरपुर, पटना से मंगाई गई घटिया किस्म की सोनपापड़ी, डोडा बर्फी, पेड़ा, मिल्क सेक, कलाकंद, खोआ सहित अन्य किस्म की मिठाइयों को निज कारखाना में निर्मित बताकर खरीदारों को चूना लगाया जाता है। बाहर से मंगाई गई 80 से 100 रुपये प्रति किलो की दर पर ये मिठाइयां यहां 180 से 240 रुपये प्रति किलो के दर पर बिक्री की जाती है। एक ही तरह की मिठाई को अलग-अलग नाम देकर भिन्न-भिन्न दरों पर बिक्री की जाती है। शहर के थाना चौक, बाटा चौक, महंथीलाल चौक, बड़ा बाजार, शंकर चौक, कोतवाली चौक, स्टेशन चौक स्थित मिठाई दुकानों में गाजर का हलवा, रसमलाई, रस माधुरी, काजू बर्फी, बेसन लड्डू, गुलाब जामुन, सोनपापड़ी, राबड़ी, बुंदिया लड्डू, कलाकंद सहित अन्य मिठाइयां अलग-अलग दरों पर बिक्री की जाती है। शहर के अधिकांश मिठाई दुकानों में घटिया, बासी मिठाइयों की ऊंची दरों पर बिक्री की मानमानी की ऊंचे दरों पर बिक्री की मनमानी का सिलसिला बदस्तूर जारी है। अधिकांश मिठाई प्रतिष्ठानों पर मूल्य तालिका नहीं होने के कारण यहां उपभोक्ताओं को आर्थिक शोषण का शिकार भी होना पड़ रहा है। शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई दरभंगा प्रमंडल खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय कुमार के अनुसार समय-समय पर शहर के मिठाई दुकान, छोले-भटूड़े व फास्ट फूड के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर खाद्य वस्तुओं के नमूने लेकर जांच के लिए भेजा जाता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई किया जाता है। मिलावटी मिठाई व खाद्य पदार्थ की शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran