मधुबनी। पंडौल प्रखंड क्षेत्र स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय, भौर के प्रभारी प्रधानाध्यापक राधेश्याम साफी के बहुचर्चित निलंबन मामले में नया मोड़ आ गया है। श्री साफी द्वारा अपने निलंबन के विरुद्ध समर्पित अपील आवेदन पर सुनवाई के उपरांत क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (आरडीडीई) सह अपीलीय प्राधिकार ने डीपीओ-स्थापना द्वारा जारी निलंबन आदेश को रद कर दिया। इससे श्री साफी निलंबनमुक्त होकर राहत भरी सांस ली है।

गौरतलब है कि तीन लाख रुपये के कथित गबन के आरोप में डीईओ के आदेश के पर डीपीओ-स्थापना ने पंडौल बीईओ के जांच रिपोर्ट को आधार बनाकर उक्त प्रभारी एचएम राधेश्याम साफी को निलंबित कर दिया था। जबकि पंडौल के बीईओ ने अपने जांच रिपोर्ट में स्पष्ट कर दिया था कि श्री साफी पर लगाए गए गबन का आरोप जांच में सत्य प्रतीत नहीं हुआ है। जिस कारण इस निलंबन आदेश के विरुद्ध श्री साफी आरडीडीई सह अपीलीय प्राधिकार के समक्ष अपील आवेदन दायर किया। जिसमें उन्होंने उल्लेख किया कि डीपीओ-स्थापना ने विद्यालय के शिक्षा समिति अध्यक्ष हरिलाल सदाय द्वारा लगाए गए तीन लाख रुपये गबन का फर्जी आरोप में निलंबित कर दिया है। जबकि बीईओ, पंडौल ने अपने जांच रिपोर्ट में उन्हें आरोपमुक्त कर चुके हैं। हाई कोर्ट द्वारा भी उन्हें उक्त विद्यालय से विरमित नहीं करने का आदेश पारित कर चुके हैं। इस प्रकार जांच रिपोर्ट एवं न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर उन्हें उक्त विद्यालय के शिक्षा समिति अध्यक्ष हरिलाल सदाय द्वारा लगाए गए फर्जी आरोप में निलंबित कर विभागीय कार्यवाही के अधीन कर दिया गया। जबकि बीईओ, पंडौल ने जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया था कि पुस्तक, पोशाक, छात्रवृति मद की तीन लाख रुपये का चेक उक्त एचएम द्वारा बैंक को भेजा गया, जिसे बैंक द्वारा छात्र-छात्राओं के खाते में हस्तांतरित भी कर दिया गया। आरडीडीई ने सुनवाई में पाया कि बीईओ, पंडौल के जांच रिपोर्ट को या तो डीपीओ-स्थापना के संज्ञान में लाया ही नहीं गया या फिर इस जांच रिपोर्ट को नजरअंदाज कर डीपीओ-स्थापना ने निलंबन आदेश जारी कर दिया। सुनवाई में यह भी सामने आया कि बीईओ के जांच रिपोर्ट एवं हाई कोर्ट के आदेश को संज्ञान में लिए बिना डीपीओ-स्थापना ने श्री साफी को निलंबित करने संबंधी आदेश जारी कर दिया। जिस कारण आरडीडीई ने श्री साफी का निलंबन आदेश रद कर दिया। साथ ही बीईओ, राजनगर को आदेश दिया है कि श्री साफी यदि निर्धारित मुख्यालय में योगदान कर चुके हों को अविलंब अपने मूल विद्यालय में योगदान देने हेतु विरमित कर अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।

Posted By: Jagran

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