मधुबनी। शहर की सड़कों पर आम लोगों की आवाजाही में व्यावधान डाल रहा ऑटो रिक्शा सहित भाड़े के अन्य वाहनों का बेतरतीब ठहराव। बड़ी संख्या में ऑटो रिक्शा शहर के चौक-चौराहों पर खड़ा रखने से सड़क जाम की समस्या को बढ़ा रहा है। ऑटो रिक्शा चालकों की मनमानी पर रोक के दिशा में ट्रैफिक पुलिस अक्षम साबित हो रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों में ऑटो पड़ाव की जरूरत वर्षों से महसूस किए जाने के बाद भी अबतक किसी भी जगह पर विधिवत स्टैंड नहीं बनाया जा सका है। सुबह से ही ऑटो रिक्शा का होने लगता ठहराव शहर के स्टेशन चौक स्थित हनुमान प्रेम मंदिर के सामने सुबह से ही ऑटो रिक्शा का ठहराव होने लगता है। यहां से चंद कदमों पर रेलवे स्टेशन के प्रवेश व निकास गेट पर ऑटो रिक्शा के ठहराव से ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त नजर आती है। अवैध पड़ाव बन चुके थाना चौक पर ऑटो रिक्शा सहित अन्य वाहनों के ठहराव से हो रही सड़क जाम की समस्या के प्रति नगर थाना पुलिस उदासीन बने रहते हैं। नगर थाना के पीछे पीडब्लूडीआइबी के आसपास सड़क किनारे ऑटो सहित अन्य भाड़े के वाहनों का बेतरतीब ठहराव यातायात व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। वहीं शहर के शंकर चौक स्थित ट्रैफिक पोस्ट के निकट ऑटो रिक्शा व सामान्य रिक्शा का बेतरतीब ठहराव जाम की समस्या को बढा़वा दे रहा है। यहां ट्रैफिक पुलिस ऑटो रिक्शा की बेतरतीब ठहराव के सामने बौना नजर आते हैं।

वाहनों के ठहराव से सिकुड़ती जा रही अधिकांश सड़कें

शहरी क्षेत्र में ऑटो पड़ाव या फिर पार्किंग स्थल का चयन नहीं होने से शहर विभिन्न चौक-चौराहों से गुजरने वाली 20 से 25 फीट चौड़ाई वाली सड़कों के दोनों ओर तकरीबन 10 फीट में दो-चार पहिए वाहनों का ठहराव होता है। जिससे पैदल, साइकिल, रिक्शा, बाइकों की आवाजाही से जाम की समस्या से लोगों को निजात नहीं मिल रहा है। शहर के मुख्य सड़क को छोड़ अन्य सड़कों की चौड़ाई 20 से 25 फीट है। जिसमें तकरीबन 10 की अतिक्रमित होने के कारण शेष 15 फीट पर वाहनों व पैदल आवाजाही से जाम की समस्या दूर होने का नाम नहीं ले रहा है।

ऑटो पड़ाव के लिए जमीन चिह्निकरण की चल रही प्रक्रिया नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी जटाशंकर झा ने बताया कि शहर में यत्रतत्र ऑटो रिक्शा के ठहराव पर रोक की दिशा में नगर परिषद क्षेत्र में ऑटो पड़ाव के लिए जमीन चिह्नित की प्रक्रिया चल रही है। वाहनों के बेतरतीब ठहराव पर रोक की दिशा में जिला परिवहन विभाग को अभियान चलाने पर जोर दिया जाना चाहिए।

Posted By: Jagran

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