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Madhubani News : राज्यपाल के आदेश से फुलपरास ईओ पर कार्रवाई, सहकारिता विभाग लौटाए गए विनोद कुमार

Published: Tue, 08 Sep 2026 06:45 PM (IST)

फुलपरास नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी विनोद कुमार को कामकाज में अनियमितता की शिकायतों के बाद हटा दिया गया है। ...और पढ़ें

विनोद कुमार की फाइल फोटो।

विनोद कुमार की फाइल फोटो।

HighLights

  1. कार्यपालक पदाधिकारी विनोद कुमार पर अनियमितता की शिकायत पर कार्रवाई।

  2. संवेदकों की परेशानी और कार्यों में अनियमितता के आरोप।

  3. सेवा तत्काल प्रभाव से पैतृक सहकारिता विभाग को वापस।

संवाद सहयोगी, फुलपरास (मधुबनी)। नगर पंचायत में कामकाज को लेकर लगातार उठ रही शिकायतों के बीच फुलपरास के कार्यपालक पदाधिकारी विनोद कुमार पर कार्रवाई की गई है।

नगर पंचायत में कार्यों के संचालन में कथित अनियमितता और संवेदकों को हो रही परेशानी से जुड़ी शिकायतों के बाद उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी गई है। उनकी सेवा तत्काल प्रभाव से पैतृक विभाग सहकारिता विभाग को वापस कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद नगर पंचायत के प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।

राज्यपाल के आदेश से जारी हुआ पत्र

कार्यपालक पदाधिकारी की सेवा वापस किए जाने का आदेश नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से जारी किया गया है।

महामहिम राज्यपाल के आदेश से विभाग के उप सचिव परमानंद पाण्डेय ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। पत्र में विनोद कुमार की सेवा उनके मूल विभाग सहकारिता विभाग को तत्काल प्रभाव से वापस किए जाने की जानकारी दी गई है।

शिकायतों के बाद शुरू हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, कार्यपालक पदाधिकारी विनोद कुमार के विरुद्ध नगर पंचायत के संवेदकों सहित अन्य लोगों ने शिकायतें की थीं। इन लोगों ने क्षेत्रीय विधायक सह मंत्री शीला मंडल को आवेदन देकर नगर पंचायत के कार्यों के संचालन में कथित अनियमितता का आरोप लगाया था।

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि नगर पंचायत में विभिन्न कार्यों के निष्पादन के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यों की प्रक्रिया और संचालन को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।

संवेदकों ने लगाए थे कई आरोप

शिकायत में नगर पंचायत में विकास कार्यों के संचालन में कथित अनियमितता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। संवेदकों का कहना था कि कार्य कराने के दौरान उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतों में कार्यों से संबंधित प्रक्रिया और अधिकारियों के रवैये को लेकर भी आपत्ति जताई गई थी।

हालांकि, शिकायतों में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल विभाग ने कार्यपालक पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने का निर्णय लिया है।

मूल विभाग में वापस भेजे गए

विनोद कुमार पर्यवेक्षीय पदाधिकारी के रूप में फुलपरास नगर पंचायत में कार्यपालक पदाधिकारी का दायित्व संभाल रहे थे। अब उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी गई है।

नगर विकास एवं आवास विभाग ने उनकी सेवा तत्काल प्रभाव से उनके पैतृक विभाग सहकारिता विभाग को वापस कर दी है। इस आदेश के बाद अब वह नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर नहीं रहेंगे।

नए ईओ की पदस्थापना की चर्चा

विनोद कुमार की सेवा वापस किए जाने के बाद फुलपरास नगर पंचायत में नए कार्यपालक पदाधिकारी की पदस्थापना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। नगर पंचायत के विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों के संचालन के लिए जल्द ही नए अधिकारी की जिम्मेदारी तय किए जाने की उम्मीद है।

कार्रवाई से नगर पंचायत में बढ़ी हलचल

कार्यपालक पदाधिकारी पर हुई कार्रवाई को नगर पंचायत में मिली शिकायतों से जोड़कर देखा जा रहा है। विभागीय आदेश सामने आने के बाद नगर पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नए कार्यपालक पदाधिकारी की नियुक्ति कब होती है और लंबित विकास कार्यों को किस गति से आगे बढ़ाया जाता है। फिलहाल विनोद कुमार की सेवा सहकारिता विभाग को लौटाए जाने के आदेश के साथ फुलपरास नगर पंचायत में उनके कार्यकाल का अध्याय समाप्त हो गया है।