मधुबनी। प्राथमिक कृषि साख समिति (पैक्स) के प्रबंध समिति के गठन के लिए यह आवश्यक है कि कम से कम छह सदस्यों का निर्चाचन हो। कम-से-कम छह सदस्यों से पैक्स का कोरम पूरा होता है। जिस कारण यदि किसी पैक्स प्रबंध समिति के नामांकन प्रक्रिया के तहत संवीक्षा एवं नाम वापसी के बाद कम से कम छह पदों पर निर्वाचन संभव नहीं होगा, तो कोरम पूरा नहीं हो पाएगा। लिहाजा ऐसे पैक्स के प्रबंध समिति का चुनाव नहीं कराया जाएगा। क्योंकि छह सदस्यों के नहीं चुने जाने से पैक्स के प्रबंध समिति का गठन नहीं हो सकेगा। राज्य निर्वाचन प्राधिकार की संयुक्त सचिव रंजना कुमारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी पैक्स के प्रबंध समिति के लिए कम से कम छह सदस्यों के सविरोध का निíवरोध निर्वाचित होने के उपरांत ही निर्वाचन प्रमाण पत्र निर्गत किया जाएगा। किसी पैक्स के प्रबंध समिति के लिए कम से कम छह सदस्यों के सविरोध का निíवरोध निर्वाचित नहीं होने की स्थिति में निर्वाचन प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया जाएगा। प्राधिकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान संवीक्षा एवं नामांकन वापसी के बाद किसी पैक्स में यदि छह पदों पर निर्वाचन नहीं होने की स्थिति उत्पन्न होती है तो इस स्थिति में ऐसे पैक्स का निर्वाचन नहीं कराया जाए तथा इसकी सूचना तुरंत प्राधिकार को उपलब्ध कराई जाए। उक्त संबंध में प्राधिकार की संयुक्त सचिव रंजना कुमारी ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम, नोडल पदाधिकारी सह डीडीसी, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी सह एसडीओ, जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी सह जिला सहकारिता पदाधिकारी, निर्वाचन पदाधिकारी सह बीडीओ एवं सीओ को पत्र भेजकर सूचित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि पैक्स की प्रबंधकारिणी समिति में अध्यक्ष समेत कुल 12 पदों का निर्वाचन कराया जाना है। इस निर्वाचन के लिए चुनावी कार्यक्रम जारी किया जा चुका है। पांच चरणों में पैक्स चुनाव कराया जाना है। बिहार सहकारी सोसाइटी नियमावली के प्रावधान के अनुसार प्रबंध समिति के गठन के तुरंत बाद प्रबंध समिति के सदस्य एवं पदधारी प्रभार ले लिए गए समझे जाएंगे। परंतु पैक्स प्रबंध समिति का गठन तब तक पूर्ण नहीं समझा जाएगा जब तक कि निर्वाचित सदस्यों की संख्या प्रबंध समिति के कुल संख्या का 50 प्रतिशत या अधिक नहीं हो जाए।इसी के मद्देनजर प्राधिकार ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि यदि किसी पैक्स के प्रबंध समिति के चुनाव हेतु नामांकन प्रक्रिया के दौरान कम से कम छह सदस्यों के सविरोध या निíवरोध निर्वाचित होने की स्थिति नहीं हो तो न चुनाव कराया जाए और न ही निर्वाचन प्रमाण पत्र ही दिया जाए।

Posted By: Jagran

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