तस्कर 'चाची' के सिंडिकेट पर शिकंजा: मधुबनी में NIA, CBI और पुलिस का एक्शन, बॉर्डर पर मोबाइल नेटवर्क बंद
मधुबनी के जानकीनगर और दुहबी बाजार में NIA, CBI, SSB और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने तस्कर 'चाची' के सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई की है।

बॉर्डर पर मोबाइल नेटवर्क बंद
HighLights
मधुबनी में NIA, CBI, SSB और बिहार पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन।
जानकीनगर-दुहबी बाजार में मोबाइल नेटवर्क बंद, सीमा पर चौकसी बढ़ी।
तस्कर 'चाची' के जाली नोट और चरस सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, मधुबनी। बासोपट्टी थाना क्षेत्र के जानकीनगर और दुहबी बाजार गुरुवार सुबह तीन बजे से ही पुलिस छावनी में तब्दील है। मौके पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी)और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन चला रही है।
सुरक्षा कारणों से पूरे इलाके का मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिया गया है। लोगों के फोन काम नहीं कर रहे हैं। मौके पर मोबाइल टावर डंप करने वाला वाहन भी लगाया गया है। जिला भर के थानों की पुलिस, कैदी वाहन समेत तीस से अधिक गाड़ियों से पूरा बाजार घेर दिया गया है। किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।
नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती
सीमा के उस पार नेपाली क्षेत्र में भी नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती है। दोनों देशों की फोर्स ने बॉर्डर पर चौकसी बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार यह बड़ी कार्रवाई जानकीनगर से चरस के साथ गिरफ्तार कृष्णा ठाकुर कांड और कुख्यात तस्कर हीरा महासेठ उर्फ चाची के नेटवर्क से जुड़ी है।
पुलिस ने कृष्णा ठाकुर और चाची के दुकान-गोदाम से लेकर भारत-नेपाल सीमा तक फोर्स तैनात कर दी है।
चाची का करोड़ों का सिंडिकेट
14-15 सितंबर की रात को गिरफ्तार 60 साल की हीरा देवी महासेठ उर्फ चाची पर जाली नोट, चरस, गांजा, ब्राउन शुगर और शराब तस्करी के आरोप हैं। जांच में सामने आया है कि परिवार में काम बंटा है। बेटा राजीव काठमांडू में पचास करोड़ की संपत्ति पर बीयर बार चलाता है, बाकी बेटे बॉर्डर पर कारोबार देखते हैं। पति भरत महासेठ भी जाली नोट मामले में पहले गिरफ्तार हो चुका है।
चाची के मोबाइल से मिले सुराग के बाद एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं। आज का ऑपरेशन उसी कड़ी का बड़ा एक्शन माना जा रहा है। आधिकारिक बयान का इंतजार है।
2 अगस्त को चाची के पति गिरफ्तार
चाची के पति भरत महासेठ को 2 अगस्त को एसटीएफ और एसएसबी ने जाली नोट के साथ पकड़ा था। इसकी पुष्टि मुजफ्फरपुर में फॉरेंसिक टीम ने की है। फाइनल टेस्ट के लिए जाली नोट के सैंपल नासिक भेजा गया था। वहीं, चरस के साथ जिस कृष्णा ठाकुर को पकड़ा गया था वह पूर्व नक्सली है।
कृष्णा ठाकुर और बासोपट्टी का विनोद सहनी चाची के नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे। पहले विनोद सहनी को एसटीएफ ने 419 किलो गांजा का साथ पकड़ा था। इसकी मदद बासोपट्टी पुलिस कर रही थी।
थानाध्यक्ष विकास कुमार को निलंबित किया
विनोद सहनी की गिरफ्तारी के बाद बासोपट्टी थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष विकास कुमार को निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा डायल 112 के दो चालकों के खिलाफ केस किया गया था। कई पुलिस पदाधिकारी निलंबित हुए थे और कइयों का ट्रांसफर कर दिया गया था। इसके बाद केस नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के पास चला गया था।
वहीं चाची की गिरफ्तारी के बाद जाली नोट वाला केस एनआईए के पास चला गया था। एनआईए के इंस्पेक्टर विकास कुमार को उसका जांच अधिकारी बनाया गया है। उन्हीं मामले में साक्ष्य जुटाने और चाची के नेटवर्क से जुड़े कई स्थानीय व्यायारियों को भी एजेंसी ने रडार पर रखा हुआ है, जो राजीव महासेठ के इशारे पर काम करते हैं।
नेपाल के सुनसरी जिले में 2500 किलो गांजा बरामद
सूत्र, बता रहे हैं कि नेपाल के सुनसरी जिले में 2500 किलो गांजा सब्जी लदे ट्रक में नेपाल पुलिस ने बरामद किया था। जिसे भारत लाने की योजना थी। उसमें भी चाची के नेटवर्क की भूमिका का संदेह है।
एसएसपी योगेन्द्र कुमार ने चाची की गिरफ्तारी के बाद कहा था कि सीमा के तरफ हीरा महासेठ की संपत्तियों का पता चला है। उसकी जांच हो रही है।
पुलिस ने कुछ लोगों को उठाया गया है जिसमें रमन चौधरी नामक व्यक्ति भी शामिल है। रमन चौधरी के बारे में बताया जा रहा है कि वह राजीव महासेठ का सभी अवैध काम सीमा पर देखता था। राजीव महासेठ चाची का बड़ा बेटा है।
