मधुबनी। जिला पदाधिकारी अमित कुमार ने बुधवार को गूगल मीट के माध्यम से प्रेसवार्ता की। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़े जा रहे जंग के हर पहलुओं की विस्तृत जानकारी मीडिया से साझा की गई। बाढ़ पूर्व तैयारियों, जविप्र विक्रेताओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को मई में मुफ्त राशन उपलब्ध कराने, फ्रंट लाइन वर्करों का टीककरण, ऑक्सीजन रिफिलिग प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया से लेकर कोरोना संक्रमितों के इलाज, ऑक्सीजन की आपूर्ति व उपलब्धता, सामुदायिक किचेन के माध्यम से निर्धन, निराश्रित, मजदूर, निश्शक्त व्यक्तियों को उपलब्ध कराए जा रहे मुफ्त भोजन से लेकर जिला प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए की जा रही तमाम कार्यों की उपलब्धियों से जिला पदाधिकारी ने बताई।

डीएम ने कहा कि जिले में वर्तमान में 336 कंटेनमेंट जोन हैं। सबसे अधिक राजनगर एवं बिस्फी प्रखंड में 30-30 कंटेनमेंट जोन हैं। जिले में सबसे ज्यादा मधेपुर प्रखंड में पॉजिटिविटी रेट है। वहीं, सबसे अधिक एक्टिव केस 21-30 आयु वर्ग के लोगों का है। जिले में जितने कोरोना संक्रमित अब तक मिले हैं, उसमें 68 फीसद पुरुष एवं 32 फीसद महिलाएं हैं। डीएम ने कहा कि कोरोना संक्रमितों में से 69 प्रतिशत संक्रमित बिना लक्षण वाले हैं, केवल 31 प्रतिशत संक्रमित में ही कोई न कोई लक्षण पाया गया है। कोरोना संक्रमितों में से 94 फीसद शहरी क्षेत्र के एवं छह फीसद ग्रामीण क्षेत्र के लोग शामिल हैं। एक अप्रैल से 17 मई के बीच जिले में पॉजिटिविटि रेट 9.3 फीसद रहा है। उन्होंने कहा कि 18-44 आयु वर्ग के 91,921 लोगों को टीका का प्रथम खुराक दिया जा चुका है। कहा कि तीन प्रकार से कोरोना संक्रमण की जांच की जा रही है, जिसमें 36 फीसद आरटीपीसीआर टेस्ट, 61 फीसद एंटीजेन टेस्ट एवं तीन फीसद ट्रूनेट टेस्ट शामिल है। अब सभी प्रखंडों के बाजार वाले क्षेत्र में रेपिड एंटीजेन कीट से जांच कराया जा रहा जिसका सटीक परिणाम दस से पंद्रह मिनट में मिल जाता है।

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जिले में पांच डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर :

डीएम ने कहा कि जिले में डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर की संख्या पांच है जो रामपट्टी, रामशीला अस्पताल, क्रिब्स अस्पताल, मधुबनी मेडिकल कॉलेज एवं अररिया संग्राम ट्रामा सेंटर में है। कहा कि जिले में ऑक्सीजन सिलेंडर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। ऑक्सीजन युक्त 116 बेड एवं वेंटिलेटर युक्त 11 बेड खाली हैं। जिले में कोरोना संक्रमण के रफ्तार में काफी कमी आई है। फिर भी सतर्कता बनाए रखनी है। कहा कि एनएचआइए द्वारा जयनगर में ऑक्सीजन रिफिलिग प्लांट की स्थापना की जाएगी, इसके लिए स्थल चयनित कर लिया गया है। एजेंसी चयन की प्रक्रिया चल रही है। झंझारपुर एवं सदर अस्पताल में भी ऑक्सीजन रिफिलिग प्लांट की स्थापन की प्रक्रिया जारी है। कहा कि अब प्रत्येक प्रखंड में सामुदायिक रसोई घर संचालित किया जाएगा। जबकि, वर्तमान में मधुबनी, रामपट्टी, जयनगर, बेनीपट्टी एवं झंझारपुर में सामुदायिक किचेन चल रहा है। कहा कि जयनगर मारवाड़ी मुहल्ला की एक महिला का ऑक्सीजन लेवल महज 34 आ गया था, लेकिन इन्हें रामपट्टी कोविड केयर में स्वस्थ किया गया। यह महिला कोरोना सं जंग जीतकर घर जा चुकी हैं। बरहारा-रामपट्टी के भोला ठाकुर जिनका ऑक्सीजन लेवल 64 आ गया था और राजनगर के विजय ठाकुर जिनका ऑक्सीजन लेवल 65 आ गया था, उनका भी रामपट्टी कोविड केयर सेंटर में इलाज कर स्वस्थ किया जा चुका है।

Edited By: Jagran