मधुबनी। दिल्ली के तिहाड जेल से पांच साल की सजा काटकर कुछ महीने पूर्व स्थानीय थाना क्षेत्र के मोरारपट्टी गांव स्थित अपने घर लौटा देवकुमार मंडल एक बार फिर पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। पुलिस ने उसे शुक्रवार की शाम उसके घर से एक लोडेड देसी पिस्टल एवं आठ एमएम के तीन कारतूस के साथ दबोचा है।

खुटौना थानाध्यक्ष संतोष कुमार मंडल को गुप्त सूचना मिली कि दिल्ली के तिहाड़ जेल से छुटा देवकुमार कमर में पिस्टल लेकर खुलेआम घूम रहा है। इसके बाद पुलिस ने उसे धर दबोचा। पुलिस की पूछताछ में देवकुमार मंडल ने बताया कि उसके पास से जो पिस्टल व कारतूस बरामद हुए हैं, उन्हें उसने दरभंगा के लहेरियासराय थाने के करमगंज चौक निवासी मो. अरमान से हासिल किया था। मो. अरमान एवं अन्य कई अपराधी काफी पहले से ही राज्य पुलिस के रडार पर थे और उनकी हरकतों को वॉच किया जा रहा था। शुक्रवार को मो. अरमान को दरभंगा के करमगंज से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अपराधी ने बताया कि दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में लूट की वारदात से संबंधित कांड संख्या 503/15 में उसे कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई थी। वह सजा उसने तिहाड़ जेल में काटी और बाहर निकला। बताया कि घर आकर वह अपने गिरोह के संपर्क में था और फुलपरास व खुटौना के बीच सेंट्रल बैंक का कैश वाहन गिरोह के निशाने पर था। उसके अनुसार करीब दस दिन पूर्व गिरोह ने कैश वैन लूटने की कोशिश की थी, जो पुलिस की सतर्कता के कारण नाकामयाब रही। पूछताछ में उसने विगत महीनों में दरभंगा व मुजफ्फरपुर के सर्राफा दुकानों में हुई सोने-चांदी के जेवरातों की लूट और फुलपरास थाना क्षेत्र के खोपा चौक स्थित सर्राफा दुकान में हुई लूट में अपने और अपने गिरोह की संलिप्तता स्वीकार की। उसने रुद्रपुर थाना क्षेत्र के ठठरी के दिगंबर मंडल को गिरोह का लीडर बताया। दरभंगा के कुशेश्वर थाना क्षेत्र के घोरदौड़ के राजेश यादव, खगड़िया जिला के अलौली थाना क्षेत्र के सरदेई के अनिल मुखिया और दरभंगा से गिरफ्तार लहेरियासराय थाना क्षेत्र के करमगंज के अरमान को गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया।