मधुबनी । पर्व-त्योहार का समय शुरू होते ही देशभर से लोगों के गांव लौटने का सिलसिला शुरू हो चुका है। ऐसे में केरल सहित देश के कई हिस्सों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच इन दिनों देशभर से ट्रेन से गृह जिला लौटने वालों की रेलवे स्टेशन पर कोविड जांच निहायत आवश्यक हो गई है। मगर, ऐसा हो नहीं रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से स्थानीय रेलवे स्टेशन उतरने वाले अधिकांश यात्री बगैर कोविड जांच के घर पहुंच रहे हैं। हालांकि, कोरोना से बचाव की दिशा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा रेलवे स्टेशन पर जांच की सुविधा बहाल की गई है। मगर, हालात यह है कि स्टेशन पर मुबंई, दिल्ली, कोलकाता सहित अन्य ट्रेनों से प्रतिदिन करीब डेढ़ हजार से अधिक यात्री स्टेशन पहुंच रहे हैं और यहां से अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो रहे। स्टेशन पर एंटीजन जांच की व्यवस्था बहाल है, जबकि स्क्रीनिग की सुविधा नहीं देखी जा रही है।

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रेलवे स्टेशन पर कोरोना जांच टीम लगातार कर रही कैंप :

स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर कोविड जांच के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाया गया है। इस काउंटर पर 24 घंटा के तीन शिफ्ट के लिए सात शिक्षक प्रतिनियुक्त किए गए हैं। वहीं, कोविड जांच काउंटर पर स्वास्थ्य कर्मी तैनात किए गए हैं। कोरोना जांच प्रभारी व राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जिला समन्वयक डॉ. कमलेश शर्मा ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर कोरोना जांच टीम लगातार कैंप कर रही है। संक्रमण का मामला सामने नहीं आ रहा है। स्टेशन पर खासकर देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों की जांच के लिए आग्रह किया जाता है। इन दिनों प्रतिदिन 150 से 200 यात्री स्टेशन पर कोरोना करा रहे हैं।

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Edited By: Jagran