मधुबनी। जयनगर अनुमंडल मुख्यालय के आर्य कुमार पुस्तकालय के सभागार में बुधवार की देर शाम विगत वर्षो की भांति इस वर्ष भी कौमुदी महोत्सव का आयोजन किया गया। ज्योत्सना मंडल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ आगत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया। प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. कमलकांत झा के अध्यक्षता और नारायण यादव एवं सदरे आलम गौहर के संचालन में आयोजित महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में मैथिली कवि उदयचंद्र झा विनोद और डॉ. नंदकुमार नंदन उपस्थित थे। महोत्सव का शुभारंभ सरस्वती वन्दना और स्वागत गान से किया गया। प्रो. शिव कुमार निखिलेश द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया। महोत्सव में डा. शिवकुमार निखिलेश की काव्य पुस्तक जल एवं अन्य कविताएं का लोकार्पण भी किया गया। नन्द कुमार नन्दन, उदयचन्द्र झा विनोद, कृष्णकुमार, डा. चन्द्रभानु प्रसाद सिंह, अमरकान्त कुमर एवं डा. शिवकुमार निखिलेश ने पुस्तक पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने जमकर सराहना की। काव्य संध्या में तीस से अधिक कवियों ने अपनी कविताएं प्रस्तुत की। संजय पंत की रचना औरत, शब्द, उजड़े उजड़े गांव शहर हैं, जीवन का कौन ठिकाना, श्रोताओं द्वारा काफी सराहना हुई। वंशीधर मिश्र ने अपनी हास्य व्यंग्य द्वारा श्रोताओं का खूब मनोरंजन किया। अजीत आजाद ने अपनी मर्मस्पर्शी कविता माहुर जों पीबि लेब, ठोर अपन सीब लेब प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। सदरे आलम गौहर ने धोखा सौ बार हुआ है और अहीं हमर प्राण छी कविता प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुगध कर दिया। मुख्य अतिथि उदयचन्द्र झा विनोद ने जुलुम भ गेलै और जीवन बीतल समेत अन्य कविताओं का वाचन किया। काव्यसंध्या में डॉ. संजय कुमार पंकज, डॉ. गोविन्द राकेश, बिमल मस्करा, डॉ. ब्रहमानन्द ठाकुर, गुलाम रसूल, पंडौल प्रखंड कार्यालय के उर्दू अनुबादक वासीफ जमाल, आसीफ हिन्दुस्तानी, अमरकान्त कुमर, कृष्णकुमार, रामउचित पासवान, रामेश्वर निशान्त, प्रीतम निषाद, राजेश्वर नेपाली, धर्मेन्द्र कुमार, रामस्वार्थ ठाकुर, विनय विश्वबंधु समेत अनेक कवियों ने अपनी कविताओं का वाचन कर उपस्थित श्रोताओं के प्रशंसा के पात्र बने। धन्यवाद ज्ञापन ज्योत्सना मंडल के सचिव आलोक भारती ने किया।कार्यक्रम में शहर के गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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