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मधुबनी में पंचायत चुनाव की तैयारियां जोरों पर, राजस्व ग्रामों का परिसीमन अब मोबाइल एप से

Published: Mon, 31 Aug 2026 06:08 PM (IST)

Bihar Panchayat Chunav Update: मधुबनी में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसमें राजस्व ग्रामों का ...और पढ़ें

राजस्व कर्मियों को राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों से विस्तार से अवगत कराया गया। फोटो: जागरण

राजस्व कर्मियों को राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों से विस्तार से अवगत कराया गया। फोटो: जागरण

संवाद सहयोगी, झंझारपुर (मधुबनी)। Bihar Panchayat Chunav Update: आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर मधुबनी जिले में प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

पंचायतों के राजस्व ग्रामों के नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सम्राट अशोक भवन में विशेष बैठक सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) पंकज कुमार दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में पंचायत सचिवों और राजस्व कर्मियों को राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों से विस्तार से अवगत कराया गया।

परिसीमन एप से काम

राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार इस बार राजस्व ग्रामों के परिसीमन का कार्य आधुनिक परिसीमन मोबाइल एप के जरिए पूरा किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को एप के संचालन, तकनीकी बारीकियों और पंचायतवार राजस्व ग्रामों के सटीक सीमांकन की प्रक्रिया समझाई गई।

बीडीओ ने कर्मियों को निर्देश दिया कि परिसीमन का कार्य चुनाव प्रक्रिया का बेहद महत्वपूर्ण चरण है, इसलिए इसे तय समय सीमा के भीतर त्रुटिरहित पूरा करना अनिवार्य है।

अभिलेखों का सटीक मिलान

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने जोर देकर कहा कि परिसीमन में किसी भी प्रकार की तकनीकी या कागजी चूक भविष्य में कानूनी व प्रशासनिक विवाद का कारण बन सकती है।

ऐसे में सभी पंचायत सचिव और राजस्व कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्र के भूमि अभिलेखों और उपलब्ध आंकड़ों का गंभीरता से मिलान करने के बाद ही एप पर डाटा दर्ज करें। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

तकनीकी दिक्कतों का समाधान

प्रशिक्षण सत्र में झंझारपुर प्रखंड के सभी पंचायतों के सचिव और राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहे। मास्टर ट्रेनरों ने कर्मियों को एप में डेटा प्रविष्टि के दौरान आने वाली व्यावहारिक और तकनीकी समस्याओं के समाधान की जानकारी दी।

साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि परिसीमन के दौरान किसी भी राजस्व ग्राम का कोई भी हिस्सा छूटे नहीं और सभी अद्यतन जानकारियां डिजिटल पोर्टल पर समय पर अपलोड हो जाएं।