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मधुबनी के घोघरडीहा आईटीआई में 14 सितंबर को अप्रेंटिसशिप मेला, मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर

Published: Wed, 09 Sep 2026 06:07 PM (IST)

Bihar Rozgar Samachar: घोघरडीहा आईटीआई में 14 सितंबर को पीएम अप्रेंटिसशिप मेला आयोजित होगा, जिसमें मधुबनी के युवाओं को विभिन्न उद्योगों में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के अवसर मिलेंगे।

आईटीआई परिसर में एक दिवसीय पीएम अप्रेंटिसशिप मेला आयोजित किया जाएगा। फाइल फोटो

आईटीआई परिसर में एक दिवसीय पीएम अप्रेंटिसशिप मेला आयोजित किया जाएगा। फाइल फोटो

HighLights

  1. 14 सितंबर को घोघरडीहा आईटीआई, मधुबनी में अप्रेंटिसशिप मेला।

  2. युवाओं को औद्योगिक प्रतिष्ठानों में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के अवसर।

  3. ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य, 5वीं से स्नातक तक के लिए लाभ।

संवाद सहयोगी, घोघरडीहा (मधुबनी)। Madhubani ITI Mela: युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग तथा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 14 सितंबर को घोघरडीहा आईटीआई परिसर में एक दिवसीय पीएम अप्रेंटिसशिप मेला आयोजित किया जाएगा।

इस आयोजन में मधुबनी और आसपास के जिलों के तकनीकी युवाओं को विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के सीधे अवसर मिलेंगे।

संस्थान प्रबंधन ने अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों से इस रोजगारपरक मेले में शामिल होने की अपील की है।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

अभ्यर्थियों को मेले में भाग लेने के लिए एनसीवीटी एमआईएस पोर्टल के जरिए अपना ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा।

पोर्टल पर सफल निबंधन होते ही अभ्यर्थी का यूनिक अप्रेंटिस रजिस्ट्रेशन नंबर जनरेट हो जाएगा। इसके साथ ही उम्मीदवार की आईटीआई योग्यता व तकनीकी दक्षता से संबंधित समस्त विवरण सीधे पोर्टल से सत्यापित कर लिए जाएंगे।

उद्योगों में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता मेला केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की एक विशेष पहल है। इस राष्ट्रव्यापी योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर युवाओं को सार्वजनिक उपक्रमों और निजी कंपनियों के साथ जोड़ना है।

इसके माध्यम से युवाओं को उद्योगों में सीधे कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है।

पात्रता और स्टाइपेंड लाभ

अप्रेंटिसशिप मेले में 5वीं से 12वीं पास छात्रों के अलावा आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा और स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी शामिल हो सकते हैं। ट्रेनिंग अवधि के दौरान सभी चयनित प्रशिक्षुओं को निर्धारित मासिक मानदेय यानी स्टाइपेंड का भुगतान किया जाता है।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अभ्यर्थियों को नेशनल अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट जारी किया जाता है, जो भविष्य में स्थायी नौकरियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होता है।