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तालाब एक, कमाई डबल; मखाने की खेती के बाद मछली पालेंगे किसान

Published: Wed, 16 Sep 2026 03:56 PM (IST)

मधुबनी में किसानों को अब एक ही तालाब से मखाना की कटाई के बाद मछली पालन कर दोहरी आय कमाने ...और पढ़ें

तालाब एक, कमाई डबल; मखाने की खेती के बाद मछली पालेंगे किसान (AI Generated Image)

तालाब एक, कमाई डबल; मखाने की खेती के बाद मछली पालेंगे किसान (AI Generated Image)

HighLights

  1. मखाना के बाद मछली पालन से किसानों को दोहरी आय।

  2. आत्मा प्रबंधन समिति की बैठक में मॉडल पर मंथन हुआ।

  3. जल संसाधनों का पूर्ण उपयोग कर किसानों की आय बढ़ेगी।

जागरण संवाददाता, मधुबनी। मखाना उत्पादक किसानों के लिए एक ही तालाब से दोहरी आमदनी का रास्ता खुलेगा। मखाना की हार्वेस्टिंग के बाद उसी तालाब में मछली पालन कर किसान अतिरिक्त आय कमा सकेंगे। शुक्रवार को संयुक्त कृषि भवन में आत्मा प्रबंधन समिति की बैठक में इस मॉडल पर मंथन हुआ।

जिला मत्स्य पदाधिकारी अंजनी कुमार ने कहा कि मखाना निकलने के बाद तालाब कई महीने खाली रह जाता है। इसी अवधि में मछली पालन किया जा सकता है। इससे जल संसाधन का पूरा उपयोग होगा और किसानों की आय बढ़ेगी।

बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक ने जलकुंभी से जैविक खाद बनाने की तकनीक बताई। उन्होंने कहा कि तालाबों में समस्या बनी जलकुंभी को खाद में बदल कर खेतों में इस्तेमाल किया जा सकता है। आत्मा के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में इसे शामिल करने का सुझाव दिया गया।

जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक आत्मा सुदामा ठाकुर ने कहा कि आधुनिक तकनीक और विभागीय योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाना लक्ष्य है। किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

बैठक में प्रगतिशील किसानों से भी सुझाव लिए गए। किसानों ने जमीनी समस्याएं बताईं और आत्मा के कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने पर विचार रखे।

बैठक में जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. राजेश, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, केवीके बसैठ और सुखेत के वैज्ञानिक, धान अनुसंधान उपकेंद्र के वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान मौजूद थे।