मधुबनी में किसानों की डिजिटल पहचान का रास्ता साफ, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में आसानी
मधुबनी में हजारों किसानों की लंबित फार्मर आईडी के सत्यापन के लिए 24 अगस्त 2026 तक की समयसीमा तय की ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
मधुबनी में फार्मर आईडी सत्यापन की समयसीमा तय।
33 हजार लंबित फार्मर आईडी का होगा सत्यापन।
किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार, योजनाओं में आसानी।
जागरण संवाददाता, मधुबनी। फार्मर आईडी के लिए आवेदन कर चुके मधुबनी के हजारों किसानों के लिए राहत की खबर है। अंचल और राजस्व स्तर पर लंबित आवेदनों के सत्यापन को लेकर प्रशासन ने अब समयसीमा तय कर दी है।
जिले में करीब 33 हजार फार्मर आईडी सत्यापन के इंतजार में हैं। इन सभी का सत्यापन 24 अगस्त तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इससे किसानों का डिजिटल रिकार्ड तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
3.21 लाख किसान लाभुक
बिहार सरकार के मुख्य सचिव के निर्देश पर जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा की गई। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत फार्मर आईडी तैयार करने की स्थिति की जानकारी ली गई। बताया गया कि जिले में कुल 3,21,514 लाभुक किसान हैं।
1.89 लाख किसानों की आईडी तैयार
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अब तक 1,89,781 किसानों की फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है। वहीं करीब 33 हजार आईडी अंचल एवं राजस्व स्तर पर सत्यापन के लिए लंबित हैं। लंबित मामलों को देखते हुए डीएम ने विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।
24 अगस्त तक पूरा होगा सत्यापन
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित फार्मर आईडी का सत्यापन 24 अगस्त 2026 तक पूरा किया जाए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को मिशन मोड में काम करने को कहा गया है। लंबित आवेदनों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया।
अनुमंडल स्तर पर होगी निगरानी
जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारियों और भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में फार्मर रजिस्ट्री की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को प्रभावी अनुश्रवण करते हुए लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने को कहा गया है।
किसानों का तैयार होगा डिजिटल डेटाबेस
डीएम ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
