मधुबनी में एक दिन की SDPO बनी लाडली, कुर्सी संभालते ही थानेदारों को दे डाला बड़ा संदेश
झंझारपुर की छात्रा लाडली प्रवीण एक दिन के लिए मानद एसडीपीओ बनीं, उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली को समझा और थानों में पीड़ितों से सौम्य व्यवहार का संदेश दिया।

एक दिन की मानद एसडीपीओ को कुर्सी पर बैठाये एसडीपीओ सुबोध कुमार सिंहा, सौजन्य (एसडीपीओ)
HighLights
लाडली प्रवीण एक दिन की मानद एसडीपीओ बनीं।
पुलिस की कार्यप्रणाली और जनशिकायतों को समझा।
थानों में पीड़ितों से सौम्य व्यवहार का संदेश दिया।
संवाद सहयोगी, झंझारपुर (मधुबनी)। पुलिस की वर्दी और जिम्मेदारियों को करीब से समझने का मौका झंझारपुर की छात्रा लाडली प्रवीण को मिला। एक दिन के लिए मानद एसडीपीओ बनीं लाडली ने पुलिस अधिकारियों की कुर्सी संभालने के साथ ही थानों के कामकाज और जनशिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को भी समझा।
एसडीपीओ की कुर्सी पर छात्रा
एसडीपीओ सुबोध कुमार सिंहा ने पार्वती लक्ष्मी महिला महाविद्यालय की ग्यारहवीं की छात्रा लाडली प्रवीण को एक दिन का मानद एसडीपीओ बनाया। वार्ड 13 निवासी मो. नौशाद की पुत्री लाडली ने एसडीपीओ की कुर्सी संभाली, जबकि सुबोध कुमार सिंहा उनके बगल में छोटी कुर्सी पर बैठकर पूरी प्रक्रिया से उन्हें अवगत कराते रहे।
फाइलों से समझीं पुलिस की कार्यप्रणाली
मानद एसडीपीओ के रूप में लाडली ने पुलिस की विभिन्न फाइलों को देखा। उन्होंने जनशिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया समझी और पुलिस अधिकारियों के कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान उन्हें अनुमंडल पुलिस कार्यालय की कार्यप्रणाली से भी रूबरू कराया गया।
थानों में पीड़ितों से हो सौम्य व्यवहार
लाडली प्रवीण ने मीडिया के माध्यम से सभी थानाध्यक्षों को संदेश देते हुए कहा कि थाना पहुंचने वाले पीड़ितों के साथ सौम्य व्यवहार होना चाहिए। उनकी पीड़ा को समझकर कानून के अनुरूप कार्रवाई की जाए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के प्रति पुलिस को और गंभीर रहने की जरूरत बताई।
पुलिस का भरोसा जीतना जरूरी
लाडली ने कहा कि पुलिस का पहला काम आम लोगों का भरोसा जीतना है। लोगों को पुलिस से डरने के बजाय अपनी समस्याएं लेकर थाने तक पहुंचने का भरोसा होना चाहिए।
पुलिस का डर दूर करना उद्देश्य
एसडीपीओ सुबोध कुमार सिंहा ने बताया कि ऑफिसर्स फार वन डे योजना के तहत यह पहल की गई है। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं के मन से पुलिस का डर दूर करना, उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था से परिचित कराना और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है। साथ ही युवाओं में देशसेवा का जज्बा पैदा करना और पुलिस के प्रति आम लोगों का विश्वास मजबूत करना भी इस पहल का उद्देश्य है।
