खुटौना में बीच बचाव करने गई महिला की चाकू से गोदकर हत्या, मजदूर ने पत्नी से विवाद के बीच ली जान
Madhubani Murder Case: मधुबनी के खुटौना में एक ईंट भट्ठे पर पति-पत्नी के विवाद में बीच-बचाव करने गई 40 वर्षीय ...और पढ़ें

इस खबर में प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
पति-पत्नी के विवाद में बीच-बचाव करने वाली महिला की हत्या।
मधुबनी के खुटौना ईंट भट्ठे पर हुई खूनी वारदात।
आरोपी मजदूर मजीरूल हक को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
संवाद सहयोगी, खुटौना (मधुबनी)। जिले के खुटौना में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पति-पत्नी के विवाद में बीच-बचाव करने पहुंची महिला की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
ईंट भट्ठा परिसर में हुआ खूनी वारदात
ललमनियां थाना क्षेत्र के अग्रवाल ईंट उद्योग परिसर में बुधवार देर रात यह घटना हुई। जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले का रहने वाला मजदूर मजीरूल हक अपनी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद कर रहा था।
विवाद बढ़ता देख पास में मौजूद 40 वर्षीय मरजीना बीबी बीच-बचाव के लिए पहुंचीं, लेकिन स्थिति अचानक हिंसक हो गई और उन पर चाकू से हमला कर दिया गया।
मौके पर ही हुई मौत
हमले में गंभीर रूप से घायल मरजीना बीबी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद भट्ठा परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मजदूरों में दहशत फैल गई।
तीन बच्चों के सिर से उठा मां का साया
मृतका के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर पश्चिम बंगाल रवाना हो गए।
आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधुबनी सदर अस्पताल भेजा। त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मजीरूल हक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस का सख्त रुख
फुलपरास एसडीपीओ अमित कुमार ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषी को कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
मजदूर परिवार के साथ रहते थे परिसर में
ईंट भट्ठा संचालक अनवारूल हक के अनुसार, आरोपी मजदूर पिछले दो महीनों से यहां काम कर रहा था और अधिकांश मजदूर अपने परिवार के साथ ही परिसर में रहते हैं।
बढ़ते विवाद और सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि छोटे-छोटे विवाद किस तरह बड़ी त्रासदी में बदल जाते हैं। साथ ही मजदूर बस्तियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
