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जनकपुर से अयोध्या के बीच अप्रैल से दौड़ेगी रामायण सर्किट ट्रेन, भारत-नेपाल बैठक में बनी सहमति

By Md Ali Edited By: Ajit kumar
Published: Wed, 02 Sep 2026 06:25 PM (IST)

Ramayan Circuit Train: भारत और नेपाल के बीच जनकपुर-अयोध्या रामायण सर्किट ट्रेन अप्रैल 2027 से चलाने पर सैद्धांतिक सहमति बन ...और पढ़ें

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संवाद सहयोगी, जयनगर (मधुबनी)। Janakpur Ayodhya Train: माता सीता की पावन नगरी जनकपुर और भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या के बीच का भावनात्मक व धार्मिक संबंध अब सीधी रेल सेवा से जुड़ने जा रहा है।

नेपाल के श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के दर्शन सुलभ कराने के लिए बुधवार को जयनगर रेलवे स्टेशन के विश्राम गृह में भारत और नेपाल के उच्च अधिकारियों की अहम बैठक हुई।

बैठक में अप्रैल 2027 से जनकपुर-अयोध्या के बीच विशेष रामायण सर्किट ट्रेन के परिचालन पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है।

सुरक्षा और परिचालन पर चर्चा

दिनभर चली इस मैराथन बैठक में दोनों देशों के रेल, कस्टम, सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। विमर्श के दौरान ट्रेन की शुरुआत के स्थान, कोचों के रखरखाव, यात्री सुविधाओं और ट्रैक की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहन समीक्षा की गई।

तय हुआ कि नेपाल सीमा के भीतर सुरक्षा की कमान नेपाली सुरक्षा बल संभालेंगे, जबकि भारतीय रेल खंड की पूरी निगरानी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के जिम्मे होगी।

एसी और स्लीपर कोच

लंबी दूरी के सफर को आरामदायक बनाने के उद्देश्य से प्रस्तावित ट्रेन में सभी कोच केवल एसी और स्लीपर श्रेणी के ही जोड़े जाएंगे।

बैठक की गोपनीयता बनाए रखते हुए अधिकारियों ने मीडिया से दूरी रखी, ताकि परिचालन के तकनीकी पहलुओं पर ठोस निर्णय लिया जा सके।

उच्च स्तरीय सहमति बनने के बाद अब दोनों देशों के बीच औपचारिक समझौते की औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।

निरीक्षण यान से जायजा

बैठक खत्म होने के बाद दोनों देशों के अधिकारियों ने विशेष निरीक्षण यान से जयनगर से जनकपुर-कुर्था रेलखंड का दौरा किया। इस दौरान ट्रैक की वर्तमान स्थिति, सिग्नलिंग प्रणाली और सीमा पर कस्टम व इमिग्रेशन से जुड़ी व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा गया।

दोनों पक्षों ने परिचालन में आने वाली संभावित तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए आपस में जरूरी आंकड़े भी साझा किए।

लगातार जारी है मंथन

जनकपुर-अयोध्या रेल कनेक्टिविटी को धरातल पर उतारने के लिए दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों के बीच सिलसिलेवार बैठकों का दौर जारी है। इससे पूर्व बिहार के मुख्य सचिव, एसएसबी, कस्टम, आरपीएफ और रेल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी जयनगर नेपाली रेलवे स्टेशन का दौरा किया था।

रेल प्रशासन का मानना है कि इस ट्रेन के चलने से धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।

दोनों देशों के अधिकारी मौजूद

बैठक में भारत की ओर से समस्तीपुर मंडल के सीनियर डीसीएम अमृतेश कुमार, सीनियर डीओएम विजय प्रकाश, कस्टम कमिश्नर अरुण प्रसाद, एसएसबी डीआईजी मधुकर अमिताभ और ग्रामीण एसपी शिवम धाकड़ उपस्थित रहे।

वहीं नेपाल की ओर से भारतीय दूतावास के अपर राजदूत कुमार गौरव सिंह, नेपाल रेल मंत्रालय के सीनियर मैकेनिकल इंजीनियर रौशन देव और धनुषा के सीडीओ भूदेव झा शामिल हुए।

इनके साथ ही इरकॉन, आरपीएफ और स्थानीय अनुमंडल प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।