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होली 2026 में भद्रा और चंद्रग्रहण का साया, होलिका दहन व रंगों का महापर्व दोनों रहेंगे खास

By Rajesh Ranjan Edited By: Ajit kumar
Published: Wed, 25 Feb 2026 05:57 PM (IST)

Holi 2026 Date: पंडित पंकज झा शास्त्री के अनुसार, होलिका दहन 2 मार्च 2026 को भद्रा समाप्ति के बाद होगा, ...और पढ़ें

Holi 2026: होली पर भद्रा और खग्रास चंद्र ग्रहण का प्रभाव रहेगा। फाइल फोटो

Holi 2026: होली पर भद्रा और खग्रास चंद्र ग्रहण का प्रभाव रहेगा। फाइल फोटो 

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जागरण संवाददाता, मधुबनी। Holika Dahan Muhurat: होली 2026 को लेकर जिले भर में उत्साह का माहौल है। शहर से लेकर गांव तक लोग पर्व की तैयारियों में जुट गए हैं। इस वर्ष होली धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष मानी जा रही है, क्योंकि इस पर भद्रा और खग्रास चंद्र ग्रहण का प्रभाव रहेगा। इसे लेकर लोगों के मन में संशय भी है, जिसे विद्वानों ने पंचांग के आधार पर स्पष्ट किया है।

स्टेशन चौक स्थित हनुमान प्रेम मंदिर के पुजारी पंडित पंकज झा शास्त्री के अनुसार, पंचांग और मिथिला क्षेत्रीय मान्यता के मुताबिक इस साल 2 मार्च 2026, सोमवार को होलिका दहन किया जाएगा, जबकि 4 मार्च 2026, बुधवार को रंगों की होली खेली जाएगी। वहीं 3 मार्च 2026, मंगलवार को खग्रास चंद्र ग्रहण लगेगा।

पंडित पंकज झा शास्त्री ने बताया कि फाल्गुन पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला होलिका दहन सनातन परंपरा में अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी वातावरण की शुद्धि और ऋतु परिवर्तन के समय स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।

इस बार होलिका दहन इसलिए भी खास है क्योंकि इससे एक दिन पहले चंद्रमा और मंगल ग्रह अपनी चाल बदलेंगे। साथ ही भद्रा और चंद्र ग्रहण का साया होने के कारण तिथि और मुहूर्त को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

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अधिकांश पंचांगों के अनुसार, 2 मार्च की रात भद्रा समाप्त होने के बाद ही होलिका दहन शुभ माना गया है। मिथिला पंचांग के अनुसार भी होलिका दहन 2 मार्च की रात्रि 05:10 के बाद किया जाना श्रेष्ठ है।

3 मार्च को खग्रास चंद्र ग्रहण

3 मार्च, मंगलवार को लगने वाला चंद्र ग्रहण खग्रास होगा और यह भारत में दृश्य रहेगा। यह ग्रहण सिंह राशि में केतु के साथ घटित होगा। शास्त्रों के अनुसार चंद्र ग्रहण को राहु-केतु द्वारा चंद्रमा को ग्रसित करने वाली संवेदनशील खगोलीय घटना माना गया है, जिसका प्रभाव मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ऐसे ग्रहण के दौरान प्राकृतिक असंतुलन, व्यापार में उतार-चढ़ाव और मानसिक तनाव की आशंका बढ़ जाती है।

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तिथि और समय का पूरा विवरण

  • फाल्गुन पूर्णिमा तिथि आरंभ: 2 मार्च 2026 को संध्या 05:31 से
  • पूर्णिमा तिथि समापन: 3 मार्च 2026 को दोपहर 04:45 तक
  • होलिका दहन: 2 मार्च 2026 को रात्रि 05:10 के बाद
  • खग्रास चंद्र ग्रहण स्पर्श: 3 मार्च 2026 को संध्या 05:05 से
  • चंद्र ग्रहण मोक्ष: संध्या 06:46 तक
  • रंगों की होली: 4 मार्च 2026, बुधवार

कुल मिलाकर, होली 2026 धार्मिक, ज्योतिषीय और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाली है। भद्रा और चंद्र ग्रहण के संयोग के बीच विधि-विधान से होलिका दहन और उसके बाद रंगों की होली मनाने से पर्व का महत्व और भी बढ़ जाएगा।