Bihar News : मैथिली पढ़कर देश में छाए मधुबनी के गुड्डू, यूजीसी-नेट में हासिल किया रैंक-वन
मधुबनी के गुड्डू कुमार कर्ण ने यूजीसी-नेट 2026 में मैथिली विषय में अखिल भारतीय रैंक-वन हासिल कर जेआरएफ भी क्वालीफाई ...और पढ़ें

माता पिता के साथ गुड्डू ।
HighLights
गुड्डू कुमार कर्ण ने यूजीसी-नेट मैथिली में अखिल भारतीय रैंक-वन प्राप्त किया।
जेआरएफ भी क्वालीफाई किया, मधुबनी और मिथिला का नाम रोशन किया।
उनकी उपलब्धि मैथिली भाषा और छात्रों के लिए प्रेरणा बनी।
संवाद सहयोगी, फुलपरास (मधुबनी)। मिथिला की माटी में पली-बढ़ी मैथिली को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ा है।
फुलपरास प्रखंड के टेंगरार गांव के रहने वाले गुड्डू कुमार कर्ण ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर यूजीसी-नेट 2026 में मैथिली विषय में आल इंडिया रैंक-वन हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। नेट के साथ उन्होंने जेआरएफ में भी सफलता प्राप्त की है। उनकी उपलब्धि से परिवार से लेकर गांव तक खुशी का माहौल है।
नेट के साथ जेआरएफ में भी सफलता
यूजीसी-नेट परीक्षा में मैथिली विषय के लिए गुड्डू का कटआफ 234 अंक रहा। नेट और जेआरएफ दोनों में सफलता हासिल करने के साथ उन्होंने देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि ने परिवार और क्षेत्र के लोगों का उत्साह बढ़ा दिया है।
सामान्य परिवार से राष्ट्रीय मुकाम तक
गुड्डू कुमार कर्ण टेंगरार गांव के सामान्य परिवार से आते हैं। उनके पिता मिथिलेश कर्ण और माता रामकुमारी देवी हैं। सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई करते हुए गुड्डू ने लगातार मेहनत और लगन को अपनी ताकत बनाया। उनकी सफलता ने साबित किया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।
मैथिली को भी मिली नई पहचान
मैथिली विषय में आल इंडिया रैंक-वन हासिल करना गुड्डू के परिवार के साथ मिथिला के लिए भी गर्व का विषय है। उनकी सफलता को भाषा, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गुड्डू ने राष्ट्रीय स्तर पर मैथिली की क्षमता और महत्व को सामने लाने का काम किया है।
विद्यार्थियों के लिए बने प्रेरणा
गुड्डू की सफलता क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है। परिवार के सदस्यों, शिक्षकों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है। लोगों ने कहा कि सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल करना उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत का परिणाम है।
पिता बोले, परिवार के लिए गौरव का क्षण
गुड्डू के पिता मिथिलेश कर्ण ने बेटे की सफलता पर खुशी जताते हुए इसे परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया। गांव के लोगों ने भी गुड्डू के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो साधारण परिस्थितियों में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
