मधुबनी। राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति लोगों को जागरूक करने का कार्य आवश्यक है। इस कार्य को गंभीरता के साथ लेने को जब हम जिम्मेदारी समझेंगे, तभी लोक अदालत का उद्देश्य पूरा हो सकता है। इस जिम्मेदारी को अधिकारियों को मिशन के रुप लेना चाहिए। इसकी सफलता तभी संभव हो पाएगा जब अधिकारी द्वारा लोगों को खासकर बैंक ऋणियों को छूट देने का प्रयास हो। ये बातें स्थानीय व्यवहार न्यायालय के सभागार में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी को लेकर बैंक, बिजली, टेलीफोन, मापतौल एवं वन विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीजे सह अनुमंडल विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष त्रिलोकी दुबे ने कही। मालूम हो कि आगामी 14 दिसंबर को झंझारपुर व्यवहार न्यायालय में झंझारपुर एवं फुलपरास अनुमंडलों के विभिन्न मामलों के निष्पादन के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाना निश्चित किया गया है।

बैठक में एसडीजेएम सह अनुमंडल विधिक सेवा समिति के सचिव राकेश कुमार ने बताया कि सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि 27 नवंबर तक सभी मामलों के नोटिस को लोक अदालत कार्यालय को सुपूर्द करना सुनिश्चित करें। ताकि, समय रहते मामलों का निष्पादन संभव हो सके। बैठक में एसीजेएम ललन कुमार, एसडीजेएम सह अनुमंडल विधिक सेवा समिति के सचिव राकेश कुमार, मुंशिफ अजय शंकर प्रसाद, न्यायिक दंडाधिकारी शैलेंद्र कुमार, बिजली विभाग के एसडीओ संजित कुमार कापड़, टेलीफोन विभाग के एसडीओ प्रियशील राय के अलावा बैंक अधिकारियों में विश्वनाथ झा, प्रज्वलित कुमार, अनिल कुमार चौधरी के साथ ही अनुमंडल विधिक सेवा समिति के कर्मियों में संतोष कुमार निशांत, दीपक कुमार आदि थे।

Posted By: Jagran

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