मधुबनी [जेएनएन]। जिला के बेनीपट्टी प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा महराजी बांध जर्जर व क्षतिग्रस्त रहने के कारण यहां के लोगों में संभावित बाढ़ की आशंका सताने लगी है। अगर बाढ़ आई तो मचेगी भारी तबाही। 40 किलोमीटर में महराजी बांध, 10 किलोमीटर में फैले बाढ़ सुरक्षा बांध तथा सात किलोमीटर में फैले रिंग बांध की स्थिति कई जगह कमजोर है। इससे ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई है।

बेनीपट्टी प्रखंड के पाली, करहारा, बिरदीपुर, सोहरौल, सोईली, मेघवन, रानीपुर, लचका से मलहामोर, बसैठ, अग्रोपट्टी गांव में जहां महराजी बांध क्षतिग्रस्त है, वहीं चानपुरा गांव में रिंग बांध की हालत खराब है। पाली उत्तर टोला व रानीपुर गांव में महराजी बांध की हालत सर्वाधिक खराब है। उसमें चूहा लग गया है। महराजी बांध की मरम्मत कार्य शुरू किए जाने की दिशा में कारगर कदम नही उठाया जा रहा है।

सुरक्षा बांधों की स्थिति काफी खतरनाक रहने के चलते यहां के लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं। साथ ही अधवारा समूह के धौस नदी के तटबंध रानीपुर, पाली उत्तर एवं श्रवणमा मोर पर जर्जर व क्षतिग्रस्त हैं।

सरकार एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की लापरवाही के कारण अबतक क्षतिग्रस्त महराजी सुरक्षा बांधों की मरम्मत शुरू नही हो पाई है। ऐसे में अगर बाढ़ आई तो प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांव हर साल की तरह इस साल भी पानी से घिर टापू बन जाएंगे, यह तय है।

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कहते हैं एसडीएम

अनुमंडल पदाधिकारी राजेश परिमल ने बताया कि महराजी बांध की निरक्षण कर रिपोर्ट भेज दी गई है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने कार्य योजना के तहत तैयारी शुरू कर दी है। उंचे स्थानों का चयन व राहत सामग्री उपलब्ध कराने हेतु स्थल का चयन, अस्पतालों में दवा की व्यवस्था, गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति, नाव के निबंधन, अनाज भंडारण, खाद्यान्न भंडारण की प्रक्रियाएं आरंभ हैं।

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