मधुबनी। जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीरे-धीरे मंद पड़ने लगी है। नए मामलों में कमी आने के साथ ही एक्टिव केस के मामले भी लगातार कम होते जा रहे हैं। आठ मई को जिले में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 3420 थी जो 28 जुलाई को घटकर 804 रह गई है। यानी की, एक्टिव केस की संख्या हजार के नीचे पहुंच गई है और निरंतर कम होती जा रही है। यह जिलावासियों के लिए सुखद है। कोरोना के नए मामलों में भी कमी आई है। शुक्रवार को कोरोना के एक्टिव आठ नए मामले सामने आए हैं। वहीं, शुक्रवार को 169 संक्रमित मरीज स्वस्थ हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि जिले में फिलहाल नए मामलों की अपेक्षा रिकवरी रेट काफी बेहतर है। अब अस्पतालों में बेड व ऑक्सीजन के लिए आपाधापी की स्थिति भी नियंत्रण में है। जिला महामारी पदाधिकारी अनिल चक्रवर्ती ने बताया कि वर्तमान में जिले में 344 कंटेनमेंट जोन सक्रिय हैं। कहा कि मामलों में कमी आना सुखद है, लेकिन अभी भी लोगों को सचेत रहने की जरूरत है। अगर लापरवाही बरती गई तो ये आंकड़े कभी भी बदल सकते हैं। कोरोना से बचाव के लिए लोगों को कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते रहना चाहिए। बता दें कि अभी भी लॉकडाउन लागू है और लोगों से गाइडलाइन के पालन में प्रशासन को सहयोग करने की अपेक्षा है। कोरोना संक्रमण से जिला पार्षद के बेटे की मौत पंडौल। सकरी निवासी स्थानिय जिला पार्षद उर्मीला देवी के छोटे बेटे व समाजसेवी पवन साह के छोटे भाई पप्पु साह कोरोना से जीवन की जंग हार गए। वे लगभग 25 दिनों से कोरोना से संक्रमित थे। उनका इलाज सकरी के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा था। शुक्रवार की दोपहर वे सबको छोड़ चल बसे। दो सप्ताह से वे ऑक्सीजन व वेंटीलेटर के सहारे थे। उनके असामयिक निधन से स्वजनों सहित गांव में मातमी सन्नाटा है। बीडीओ महेश पंडित, सीओ पंकज कुमार, सकरी थानाध्यक्ष उमेश पासवान, पंचायत के मुखिया अली अहमद उर्फ मुन्ना, रामबहादुर चौधरी, राजेश पासवान, मो. आजाद साह, संतोष पासवान, रुद्रकांत झा, पूर्व जिप सदस्य सईदा बानो, निर्मल प्रसाद, सरपंच धर्मेन्द्र पासवान सहित दर्जनों लोगों ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।

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