मधुबनी। आज एक कोरोना वायरस ने नाक, मुंह पर मास्क बांधवा दिया है। महामारी के सामने दुनिया लाचार बनी हुई है। अगर पेड़ नहीं लगाया तो आने वाले समय में मनुष्य को पीठ पर ऑक्सीजन सिलिडर बांधना पड़ेगा। पर्यावरण संतुलन के लिए पौधरोपण जरूरी है। पेड़ पौधा से ऑक्सीजन, फल, फूल, लड़की सहित कई उपयोगी चीजें प्राप्त होती है। आज लोग कोरोना जैसे वैश्विक महामारी से सहमें हैं। नित्य हजारों लोग काल के मुंह में समा रहे हैं। ऑक्सीजन के लिए त्राहिमाम की स्थिति बनी हुई है। अधिकांश लोगों की मौत ऑक्सीजन नहीं मिल पाने के कारण हो रही है। इसका मूल कारण प्रकृति के साथ छेड़छाड़ माना जा रहा है। बेनीपट्टी प्रखंड के वार्ड एक के किसान जागरूकता विकास समिति के सचिव सह उद्यान पंडित पुरस्कार से सम्मानित कमल कुमार झा ने ये बातें कही। वर्ष 2001 से लेकर अब तक दस हजार से अधिक पौधे लगा वे कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। स्नातक पास झा किसान जागरूकता विकास समिति बेनीपट्टी के बैनर तले बराबर नि:शुल्क लोगों के बीच पौधों का वितरण करते हैं। वर्ष 2001 से 2021 के बीच अपने निजी पांच एकड़ जमीन में फलदार आम, शीशम, सागवान, जामुन, कटहल, सिमर, महोगनी, सोहिजन, नीम तथा औषधीय पौधा आंवला, सताबर, तेखूर, चिरयता, नींबू, अमरूद, पपीता सहित अन्य पौधे लगाकर कृतिमान स्थापित किया है। प्रगतिशील किसान झा कहते हैं कि अपने निजी जमीन में अब तक दस हजार से अधिक पौध लगा चुके हैं। पौध के साथ-साथ फसलों की खेती करते आ रहे हैं। नया-नया बगीचा भी बनाया है। कहा कि पूरी दुनिया में सबसे बड़ी समस्या पर्यावरण की है। पर्यावरण संतुलन के लिए पौधारोपण बहुत जरूरी है। ऑक्सीजन की समस्याओं को दूर करने के लिए महज एक उपाय है कि अधिक से अधिक पेड़ पौधा लगाएं।

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