मधुबनी। मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने के लिए मनरेगा योजना के क्रियान्वयन में अनियमितता खुल कर सामने आने लगी है। प्रखंड में फर्जी जॉब कार्ड बनवा कर और बिना बोर्ड का काम होने की जानकारी लगातार सामने आती रही है। लोगों का कहना है कि प्रखंड क्षेत्र में नियमों की अनदेखी क़र मनरेगा योजना का क्रियान्वयन कर राशि में की बंदरबांट की जा रही है। स्थानीय नेता राजनारायण उर्फ छोटू राय का कहना है कि अगर इन योजनाओं की जांच की जाए तो रोजगार सेवक, जेई, पीओ के आपसी गठजोड़ व बिचौलियो की आपसी मिलीभगत से मनरेगा में सबसे बड़ा घोटाला और सरकारी राशि का बहुत बड़े पैमाने पर गबन का मामला सामने आएगा।

राशि उठाव के बाद भी नहीं हुआ काम

ताजा मामला प्रखंड के डुमरा पंचायत के डुमरा गांव का है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव में सड़क बनाए बगैर राशि का उठाव कर लिया गया। जानकारी अनुसार वित्त वर्ष 2018-19 में मनरेगा योजना से मो. मुश्ताक के घर से ठाढ़ी सीमा तक तक तीन लाख 26 हजार की लागत से ईंट सोलिग व मिट्टी भराई का कार्य होना था, लेकिन मो. मुश्ताक, मो इस्माइल, मो उमर, मो मुबारक, मो इस्तखार, मो हबीब आदि ग्रामीणों का आरोप है कि अभिकर्ता द्वारा राशि का उठाव कर लिया गया, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं कराया गया।

दो साल बाद भी अधूरी सड़क

मौके पर लगे शिलापट्ट पर ना तो कार्य आरंभ की तिथि और ना ही कार्य पूर्ण होने की तिथि अंकित है। सड़क बनाने के नाम पर बस कुछ मिट्टी सड़क पर डाल दिया गया। ग्रामीण अपने स्तर से कई बार इसकी शिकायत कर चुके हैं, मगर उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। अभिकर्ता पंचायत समिति सदस्य मो. जियाउद्दीन ने कहा कि योजना में दो पुलिया, ईंट सोलिग व मिट्टी भराई का कार्य होना था, मगर काम पूरा नहीं हुआ। जितना काम हुआ है, उतनी ही राशि का उठाव किया गया है।

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