मधुबनी। कमला नहर प्रमंडल द्वारा बाढ़ से बचाव को लेकर हो रहे कार्यो में अनियमितता सामने आ रही है। इससे लोगों में आक्रोश है। विभिन्न शाखा नहरों के बांध के सुदृढ़ीकरण के नाम पर खानापूरी हो रही है। क्षतिग्रस्त बांधों की मरम्मत में भी गड़बड़ी दिख रही है।

विभागीय निर्देशों की अनदेखी:

विभिन्न शाखा नहरों के बांधों के सुदृढ़ीकरण का काम संवेदक द्वारा कराया जा रहा है। विभागीय निर्देश के अनुसार बांध पर दूसरी जगहों से मिट्टी लाकर भरना है। इसके स्थान पर जेसीबी से नहर के ही बालू को बांध पर डाला जा रहा है। यह बारिश होते ही फिर नहर में वापस चला जाएगा। कई जगहों पर बांध के बेड को भी काट दिया जा रहा है। इस कारण बांध मजबूत होने की बजाय कमजोर हो गया है। कई जगहों पर बांध मरम्मत के बाद भी विशाल गढ्ड़ा दिख रहा है। 30 लाख की लागत से बांध सुदृढ़ीकरण: विभागीय सूत्रों के अनुसार बलडीहा के समीप 15 लाख की लागत से बांध की मरम्मत कराई गई है। बांध को दस फीट की बजाय छह फीट ही ऊंचा करके छोड़ दिया गया है। जबकि विगत वर्ष 14 जुलाई को इसी जगह बांध टूटने से कमला का पानी बड़े क्षेत्र में प्रवेश कर गया था। बावजूद इसके लापरवाही बरती जा रही है। उसराही त्रिमुहानी से कोरहिया तक शाखा नहर के 15 लाख की लागत से हो रहे सुदृढ़ीकरण कार्य के नाम पर भी व्यापक स्तर पर अनियमितता बरती जा रही है। कमला नदी के मुख्य पश्चिमी शाखा नहर के बांधों की मिट्टी काटने से यह दर्जनों जगह कमजोर हो चुका है। क्या कहते अभियंता:

कमला नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता महानंद सिंह ने इस बाबत बताया कि मामला गंभीर है। जांच कर संवेदक पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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