मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बच्चों से किया संवाद, कहा निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की रीढ़
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मधुबनी के मिथिला हाट में छात्रों से संवाद कर चुनावी साक्षरता को बढ़ावा दिया। ...और पढ़ें

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पांच विद्यालयों के सौ से अधिक छात्र-छात्राओं के साथ सीधा संवाद किया। फोटो: जागरण
संवाद सहयोगी, झंझारपुर (मधुबनी)। Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar: मधुबनी जिले के मिथिला हाट में रविवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पांच विद्यालयों के सौ से अधिक छात्र-छात्राओं के साथ सीधा संवाद किया।
चुनावी साक्षरता और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस विशेष कार्यशाला में बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रणाली, मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया की बुनियादी बारीकियों से सरल भाषा में अवगत कराया।
चुनावी प्रक्रिया को समझाया
संवाद के दौरान बच्चों ने देश की निर्वाचन व्यवस्था को समझने के लिए उत्सुकता दिखाते हुए कई सवाल पूछे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने उन्हें मतदान प्रणाली, मतदाता सूची के निर्माण और विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के महत्व के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने रेखांकित किया कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के सुदृढ़, निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन के लिए एक मजबूत चुनावी ढांचा अनिवार्य है।
सांस्कृतिक पहचान पर चर्चा
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि लोकतंत्र की समझ केवल मतदान की उम्र तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
नई पीढ़ी को बचपन से ही लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। कार्यशाला के दौरान उन्होंने बच्चों से मिथिलांचल की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और विश्व प्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग के संदर्भ में भी संवाद किया।
बच्चों की जिज्ञासा सराही
स्थानीय कला और परंपरा से जुड़े सवालों पर स्कूली बच्चों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक उत्तर दिए। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और सीखने की जिज्ञासा की मुक्तकंठ से सराहना की।
इस संवादात्मक कार्यशाला ने विद्यार्थियों को देश की निर्वाचन प्रक्रिया को बहुत नजदीक से समझने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान किया।
