विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मधुबनी के शम्स आलम का तीसरी बार एशियन पैरा गेम्स में चयन, जापान में दिखाएंगे दम

By Braj mohan mishraEdited By: Dharmendra Singh
Published: Thu, 17 Sep 2026 07:43 PM (IST)

मधुबनी के अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक शम्स आलम का 2026 एशियन पैरा गेम्स के लिए चयन हो गया है, जो जापान ...और पढ़ें

मधुबनी के शम्स आलम।

मधुबनी के शम्स आलम।

HighLights

  1. शम्स आलम का 2026 एशियन पैरा गेम्स के लिए चयन।

  2. स्वीडन में कांस्य पदक जीता, राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा।

  3. विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंचे, प्रेरणादायक संघर्ष।

ब्रज मोहन मिश्र, मधुबनी। जिले के बिस्फी प्रखंड के राठौस गांव के लाल अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक शेख मोहम्मद शम्स आलम ने एक बार फिर मधुबनी और बिहार का नाम रोशन किया है।

स्वीडन में शानदार प्रदर्शन के दम पर उनका चयन 2026 एशियन पैरा गेम्स के लिए हो गया है, जो इस साल 18 से 24 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होना है। यह उनका लगातार तीसरा एशियाड होगा।

शम्स ने 9 मई को स्वीडन के फाल्कनबर्ग में आयोजित पैरा स्विम ओपन इंटरनेशनल चैंपियनशिप में 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एसबी-4 कैटेगरी में 2 मिनट 17.80 सेकेंड के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता और नेशनल रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस प्रदर्शन से वे अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति की विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं।

ट्यूमर से पैरालाइज हुए, फिर भी नहीं मानी हार

24 साल की उम्र में कमर में ट्यूमर के कारण कमर के नीचे का हिस्सा पैरालाइज हो गया था। 2010 से पहले वे इंटरनेशनल कराटे खिलाड़ी थे। व्हीलचेयर पर आने के बाद 2012 में स्विमिंग को रिहैब के तौर पर शुरू किया और आज देश के टॉप पैरा स्विमर हैं।

8 किमी समुद्र तैरने का वर्ल्ड रिकॉर्ड

गोवा में 8 किलोमीटर खुला समुद्र 4 घंटे 4 मिनट में तैर कर लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। मधुबनी से मुंबई तक का उनका संघर्ष युवाओं के लिए प्रेरणा है।

कौन हैं शम्स आलम

  • जन्म: 17 जुलाई 1986, गांव राठौस, बिस्फी, मधुबनी
  • शिक्षा: मैकेनिकल इंजीनियर, एचआर में एमबीए
  • नौकरी: बिहार सरकार के वित्त विभाग में कार्यरत
  • एशियन गेम्स सफर: 2018 जकार्ता, 2022 हांगझोउ और अब 2026 जापान
  • लक्ष्य: एशियन पैरा गेम्स में मेडल और 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक में क्वालीफाई