बिहार के 11 वर्षीय साहित्यकार का नाम नेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज
National Book Of World Record: झंझारपुर के 11 वर्षीय बाल साहित्यकार आदर्श भारद्वाज का नाम 'नेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' ...और पढ़ें

आदर्श भारद्वाज को प्रमाण पत्र देतीं एसडीएम टोनी कुमारी। फोटो: जागरण

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संवाद सहयोगी, झंझारपुर (मधुबनी)। Adarsh Bhardwaj Child Author: उम्र महज 11 वर्ष लेकिन कल्पनाओं का संसार और कलम की धार इतनी मजबूत कि देश-दुनिया में प्रतिभा का डंका बज रहा है।
मधुबनी जिले के झंझारपुर के नन्हें साहित्यकार आदर्श भारद्वाज ने अपनी असाधारण रचनात्मकता से साहित्य जगत में नई मिसाल पेश की है।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अनुमंडल सभागार में आयोजित गरिमामय समारोह में अनुमंडल पदाधिकारी टोनी कुमारी ने आदर्श को 'नेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' का आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

नन्हीं उम्र में बड़ी उड़ान
डॉन बॉस्को कॉन्वेंट स्कूल झंझारपुर के 7वीं के छात्र आदर्श भारद्वाज इतनी छोटी उम्र में कई बहुचर्चित पुस्तकों की रचना कर चुके हैं।
उनकी प्रमुख कृतियों में 'The Algorithm of Fear', 'The Hidden World', 'Eternal Love', 'Divine Saga', 'Ink Before Age', 'The Midnight Anthology', 'बस्ते में कविता' और 'नन्हक आँखिसँ भूटान' शामिल हैं।
उनकी रचनाओं में बाल साहित्य, फैंटेसी, कविता, यात्रा वृत्तांत तथा सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों की अनूठी विविधता देखने को मिलती है।

मैथिली में लिखा यात्रा वृत्तांत
उनकी बाल कविता संग्रह 'बस्ते में कविता' बच्चों के बीच बेहद लोकप्रिय है, वहीं मैथिली भाषा में रचित 'नन्हक आँखिसँ भूटान' में भारत-भूटान मैत्री, प्रकृति और संस्कृति का सुंदर वर्णन है।
आदर्श की यह बहुमुखी प्रतिभा नई पीढ़ी के बच्चों को डिजिटल स्क्रीन की दुनिया से इतर अध्ययन और रचनात्मक लेखन के लिए प्रेरित कर रही है। उनके माता-पिता डॉ. सुरविंद कुमार झा और डॉ. सुधा झा ने पढ़ाई के साथ-साथ आदर्श के साहित्यिक रुझान को लगातार प्रोत्साहित किया।
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान
आदर्श भारद्वाज को पूर्व में इंटरनेशनल स्टार किड्स अवार्ड, अटल सम्मान 2025, मगध गौरव सम्मान 2025, श्री अटल बिहारी वाजपेयी राइटर ऑफ द ईयर 2026 और अतिविशिष्ट प्रतिभा सम्मान 2026 से नवाजा जा चुका है।

भूटान में आयोजित '2nd इंटरनेशनल अचीवर्स अवार्ड 2025' समेत कई वैश्विक मंचों पर भी उनकी लेखनी की सराहना हो चुकी है। साहित्य में अप्रतिम योगदान को देखते हुए आदर्श का नामांकन प्रतिष्ठित 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026' के लिए भी हुआ है।
मिथिलांचल का बढ़ाया मान
अनुमंडल प्रशासन, स्थानीय मीडिया और प्रबुद्ध नागरिकों ने आदर्श की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को मधुबनी और पूरे मिथिलांचल के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण बताया।
नन्हे साहित्यकार ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के संबल, शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन और शुभचिंतकों के आशीर्वाद को दिया है।
झंझारपुर की मिट्टी से निकली यह बाल प्रतिभा आज देश के करोड़ों बच्चों के लिए स्वाध्याय और लगन की जीवंत प्रेरणा बन चुकी है।
