भारत से नेपाल तक बिहार की हीरा चाची का अरबों का साम्राज्य, इसके पीछे छिपा बड़ा राज
Bihar Nepal Smuggling : दुहबी बाजार की किराना दुकान से शुरू हुआ हीरा देवी उर्फ चाची का करोड़ों का तस्करी ...और पढ़ें

Duhbi Smuggling Empire : पुलिस की गिरफ्त में चाची। सौ. पुलिस
संवाद सहयोगी, बासोपट्टी (मधुबनी)। दुहबी बाजार की किराना दुकान से शुरू हुआ कथित तस्करी का धंधा अब करोड़ों-अरबों के साम्राज्य में बदल चुका है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार हीरा देवी उर्फ चाची और उसके परिवार ने तस्करी की कमाई से भारत और नेपाल में 50 एकड़ से अधिक जमीन, मकान, बीयर बार सहित कई संपत्तियां खड़ी कर ली हैं।
चर्चा है कि परिवार का सबसे बड़ा बेटा राजीव महासेठ इस साम्राज्य का मुख्य खिलाड़ी है। वह नेपाल की राजधानी काठमांडू में करीब 50 करोड़ की लागत से जमीन खरीदकर आलीशान मकान और बीयर बार चला रहा है।
बॉर्डर पर एक इन्फॉर्मर के अनुसार, उस बार में भारत से ले जाई गई लड़कियों/महिलाओं से मानव तस्करी तक कराई जाती है। किराना स्टोर की आड़ में जाली नोट, ब्राउन शुगर, हेरोइन, हथियार और शराब की तस्करी से यह रकम जुटाई गई।
हालांकि इन संपत्तियों के दस्तावेज और आय स्रोत की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब संपत्ति के स्रोत और मनी ट्रेल की जांच कर रही हैं।
चाची के पांच बेटों में बंटा था तस्करी का कारोबार
बासोपट्टी। दुहबी बाजार की कुख्यात तस्कर हीरा देवी उर्फ चाची के परिवार में तस्करी का पूरा सिंडिकेट बंटा हुआ था। चाची के पांच बेटे हैं और हर एक की अलग भूमिका तय थी।
परिवार का सबसे बड़ा नेटवर्क राजीव महासेठ संभालता है, जिसे सबसे बड़ा खिलाड़ी बताया जाता है। पुलिस दबिश के बाद वह दुहबी से फरार होकर काठमांडू में रह रहा है और वहीं से ब्राउन शुगर, हथियार, हेरोइन, जाली नोट और मानव तस्करी का सिंडिकेट चलाता है। बॉर्डर पर उसके कुछ खास लोग काम करते हैं जो नेपाल-भारत में माल की आवाजाही कराते हैं।
बाकी बेटों में रमेश महासेठ बॉर्डर पर भारत से नेपाल इलेक्ट्रॉनिक-हार्डवेयर सामान का कारोबार देखता है, रंजीत और रंधीर दुहबी बाजार में ही कारोबार संभालते हैं, जबकि सुधीर महासेठ शराब के कारोबार का कमान संभालता है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चाची किराना स्टोर में जाली नोट छिपाने और संभालने का काम करती थी, जबकि रिश्तेदार शिव कुमार राउत उर्फ 'मेहमान' बाजारों में नोट खपाता था। बासोपट्टी थानाध्यक्ष कार्तिक भगत के अनुसार चाची जानकीनगर चरस बरामदगी कांड संख्या 192/26 में भी फरार थी, जिसमें कारोबारी कृष्णा ठाकुर पकड़ा गया था। अब उसे रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
दैनिक जागरण ने पहले ही उठाया था 'चाची नेटवर्क' का मुद्दा
बासोपट्टी। भारत-नेपाल बॉर्डर पर चाची के इशारे पर तस्करी का नेटवर्क चलने का खुलासा दैनिक जागरण ने सबसे पहले किया था। जागरण ने खबर प्रकाशित कर बताया था कि कैसे दुहबी बाजार में किराना दुकान की आड़ में जाली नोट, खाद, कपड़ा और अन्य सामानों की तस्करी का संगठित गिरोह सक्रिय है और बॉर्डर पर एसएसबी जवानों से राइफल छीनने व पथराव जैसी घटनाओं के पीछे भी इसी नेटवर्क का हाथ है।
जागरण की खबर के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं और 48वीं वाहिनी व बिहार पुलिस ने संयुक्त आसूचना विकसित की, जिसके बाद आधी रात को कार्रवाई कर कुख्यात तस्कर हीरा देवी महासेठ उर्फ चाची को गिरफ्तार किया गया।
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