मधुबनी में 2 लाख से अधिक की जमीन खरीदने वालों पर आयकर विभाग की नजर, 25 लाख सौदों की रिपोर्ट
Bihar E Registry System: मधुबनी के सीमावर्ती इलाकों में 25 लाख रुपये से अधिक की जमीन खरीदने वाले अब आयकर ...और पढ़ें

संदिग्ध लेन-देन और काले धन के निवेश पर रोक लगाने के लिए कड़ा निर्देश। फाइल फोटो

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संवाद सहयोगी, जयनगर (मधुबनी)। Madhubani Land Registry Income Tax: नेपाल सीमा से सटे मधुबनी जिले में जमीन की खरीद-बिक्री करने वाले बड़े खरीदार अब आयकर विभाग और गृह विभाग की सीधी निगरानी में आ गए हैं।
गृह विभाग के निर्देशानुसार सीमावर्ती इलाकों में 25 लाख रुपये से अधिक मूल्य की जमीन खरीदने वालों का पूरा ब्योरा सीधे आयकर विभाग को भेजा जाएगा। पटना में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के सभी निबंधन पदाधिकारियों को संदिग्ध लेन-देन और काले धन के निवेश पर रोक लगाने के लिए यह कड़ा निर्देश दिया गया है।
जयनगर में विशेष निगरानी
जयनगर निबंधन पदाधिकारी मिथिलेश कुमार दास के अनुसार जयनगर निबंधन कार्यालय के तहत जयनगर, बासोपट्टी, हरलाखी और लदनियां प्रखंड के भूखंडों की रजिस्ट्री होती है।
सामान्य नियमानुसार 2 लाख रुपये से अधिक की खरीद-बिक्री का ब्योरा हर माह आयकर विभाग को भेजा जाता है, लेकिन सीमावर्ती संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण अब 25 लाख से ऊपर के बड़े सौदों की विशेष जांच रिपोर्ट भेजी जा रही है।
इसका मुख्य उद्देश्य रियल एस्टेट में हो रहे संदिग्ध निवेश और बेनामी संपत्तियों की गहन पड़ताल करना है।
ई रजिस्ट्री से घटी संख्या
निबंधन कार्यालय में डिजिटल यानी ई-रजिस्ट्री और पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद जमीनों के निबंधन की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अधिकारियों के मुताबिक पहले जहां जयनगर कार्यालय में रोजाना 30 से 35 दस्तावेजों की रजिस्ट्री होती थी, वहीं अब यह आंकड़ा घटकर प्रतिदिन मात्र एक से दो निबंधन तक सिमट गया है।
नई तकनीकी व्यवस्था और कड़े नियमों के चलते जमीन के कारोबार में कागजी फर्जीवाड़े पर काफी हद तक लगाम लगी है।
बड़े खरीदारों पर पैनी नजर
बीते कुछ वर्षों के दौरान जयनगर अनुमंडल क्षेत्र के प्रमुख व्यावसायिक और रणनीतिक स्थानों पर दर्जनों लोगों ने ऊंची कीमतों पर बड़े भूखंड खरीदे हैं। इनमें से कई खरीदार अब आयकर विभाग के जांच दायरे में आ सकते हैं क्योंकि विभाग उनके आय स्रोतों और बैंक लेन-देन का मिलान करेगा।
सरकार की इस सख्ती से सीमावर्ती इलाकों में रियल एस्टेट और जमीन के अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
