मधुबनी । लदनियां प्रखंड मुख्यालय में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। पंचायत सचिव के कार्यपालक पदाधिकारी के प्रभार को लेकर मामला फंस गया है। इस मामले में बीडीओ व बीपीआरओ आमने-सामने हैं। बीडीओ अखिलेश्वर कुमार की मानें तो उन्होंने 17 जनवरी को पंचायत सचिव के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) का प्रभार बीपीआरओ को सौंप दिया है। वहीं, बीपीआरओ नरेंद्र प्रसाद का कहना है कि उन्हें प्रभार से संबंधित अभिलेख अभी तक प्राप्त ही नहीं हुए तो ऐसे में प्रभार ग्रहण करने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक उन्हें सभी संबंधित अभिलेख के साथ प्रभार नहीं सौंपा जाएगा, वे प्रभार ग्रहण नहीं करने वाले। इधर, इस बाबत जब बीडीओ से पूछा गया तो उनका कहना है कि बीपीआरओ प्रभार ले ही नहीं रहे हैं। वे तीन प्रखंडों के प्रभार में हैं, कब कहां रहते हैं, कुछ पता नहीं। इसको लेकर शुक्रवार को एक पत्र भी जारी किया जा रहा है। इधर, इस मामले को लेकर प्रखंड मुख्यालय में प्रशासनिक माहौल गरम है।

बता दें कि बीडीओ ने 17 जनवरी को ही प्रधान सहायक, नाजीर, कार्यपालक सहायक, लेखापाल एवं ग्रामीण आवास सहायक को भी पत्र जारी किया है जिसमें तीन दिनों में पंचायत समिति से संबंधित योजनाओं के पंजियों, संचिकाओं आदि का प्रभार बीपीआरओ को सौंपने का निर्देश दिया गया। इधर, बीपीआरओ के अनुसार, तीन दिनों की समय सीमा बीतने के बाद भी उन्हें कोई अभिलेख अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं।

बीपीआरओ ने बताया कि वे कुलआही और राजनगर के प्रभार में भी हैं। 17 को कलुआही में 11 बजे से पंचायत समिति की बैठक थी। फिर राजनगर में प्रमुख के कार्यालय का उद्घाटन था। लदनियां से सुबह नौ बजे निकले, कलुआही और राजनगर गए। शाम में साढ़े सात बजे लदनियां लौटे तो एक कर्मी प्रभार पत्र लेकर आया जिस पर बीडीओ के हस्ताक्षर थे, लेकिन उसके साथ हस्तगत होने वाले अभिलेखों की कोई सूची नहीं थी। ऐसे में उन्होंने प्रभार ग्रहण करने से मना कर दिया। बता दें कि पंचायत सचिव के कार्यपालक पदाधिकारी का कामकाज बीडीओ ही देख रहे थे। इधर, पंचायत राज विभाग के निर्देश के आलोक में बीडीओ को पंचायत सचिव के कार्यपालक पदाधिकारी का प्रभार प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को सौंपना है।

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