मधुबनी। जिले में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पीड़ित परिवारों को मुआवजा राशि दिए जाने के लिए एक करोड़ रुपये का आवंटन मिला है। बुधवार को अपर समाहर्ता दुर्गानंद झा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में अत्याचार राहत अनुदान से संबंधित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में यह जानकारी दी गई।

बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में अवशेष राशि शून्य थी। मगर, चार जुलाई को हुई बैठक में विभिन्न लाभुकों को स्वीकृत राशि के अनुसार 22 लाख रुपये दूसरे मद से भुगतान किया गया है। इस राशि का समायोजन प्राप्त आवंटन से किया जाना है। इसे देखते हुए अवशेष राशि 78 लाख रुपये है। साथ ही जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में व्यय होनेवाली राशि 36 लाख 62 हजार 500 रुपये है। पुलिस अधीक्षक, मधुबनी से प्राप्त मुआवजा प्रस्ताव अनुशंसा के साथ 33 तथा 02 पेंशनधारी पर होने वाले व्यय 38 लाख 22 हजार 500 रुपये है।

बताया गया कि 24 जुलाई को जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में हत्या से संबंधित एक मुआवजा के लिए जिला कल्याण कार्यालय, दरभंगा को सूचना प्राप्त करने का निर्णय हुआ था। इसके आलोक में पंडौल थाना के एक मामले में पीड़ित राजकुमारी देवी (थाना-बहेड़ी, दरभंगा) द्वारा किसी प्रकार का कोई मुआवजा नहीं दिया गया। उक्त मामले में जिला कल्याण पदाधिकारी, मधुबनी को आश्रितों की पहचान कर मुआवजा के लिए प्रस्ताव देने का निर्देश दिया गया। साथ ही गुलाव देवी (पति-जीवछ राम, बलुआ, थाना-लौकही, मधुबनी) तथा जीवछ राम (पिता-अमृत राम, बलुआ, थाना-लौकही, मधुबनी) से संबंधित मुआवजा आवेदन पर समिति द्वारा स्वीकृत किये जाने संबंधी निर्णय लिया गया। बैठक में राजगनर विधायक रामप्रीत पासवान, एसडीपीओ सदर कामिनीबाला, एसडीसी राजेश्वर प्रसाद, जिला कल्याण पदाधिकारी राजेश कुमार वर्मा, जिप सदस्य संजय राम, बुद्धप्रकाश, हिमांशु कुमार समेत अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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