बिहार के जयनगर स्टेशन से खुलेगा भारत-नेपाल आवाजाही का नया रास्ता, बनेगा इमिग्रेशन पोस्ट
केंद्र सरकार ने भारत-नेपाल रेल नेटवर्क पर यात्रियों की निगरानी और जांच के लिए जयनगर रेलवे स्टेशन पर इमिग्रेशन पोस्ट ...और पढ़ें

जयनगर रेलवे स्टेशन की यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।
HighLights
जयनगर रेलवे स्टेशन पर इमिग्रेशन पोस्ट की मिली स्वीकृति।
भारत-नेपाल रेल यात्रियों की निगरानी और जांच होगी आसान।
जयनगर के विकास, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा।
संवाद सहयोगी, जयनगर (मधुबनी)। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती शहर जयनगर को आखिरकार इमिग्रेशन पोस्ट की बड़ी सौगात मिलने जा रही है।
भारत-नेपाल रेल नेटवर्क पर यात्रियों की निगरानी और जांच के लिए जयनगर रेलवे स्टेशन पर इमिग्रेशन पोस्ट यानी आव्रजन चौकी बनाने की स्वीकृति केंद्र सरकार के निर्देश पर दे दी गई है। उम्मीद है कि एक से दो माह के भीतर इसका शुभारंभ हो जाएगा।
गृह विभाग की आरक्षी शाखा ने जयनगर से नेपाल के इनरवा तक के रेलखंड को रेल जिला मुजफ्फरपुर के रेल थाना जयनगर के अंतर्गत अधिसूचित कर दिया है।
जयनगर से इनरवा के लिए बनाए जाने वाले इस पोस्ट का निर्माण इंटेलिजेंस ब्यूरो के नेतृत्व में होगा। साथ ही जयनगर-इनरवा समेत सीमावर्ती जिलों के रेलखंड की सुरक्षा ऑडिट भी की जाएगी।
इसको लेकर बीते दिनों पटना स्थित पटेल भवन में बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय राज्य स्तरीय रेलवे सुरक्षा समिति की बैठक हुई थी।
बैठक में विशेष शाखा के डीजी कुंदन कृष्णन, रेलवे एडीजी कमल किशोर सिंह, एडीजी विधि-व्यवस्था केएस अनुपम के साथ हाजीपुर, गोरखपुर, मालगांव, कोलकाता के रेलवे सुरक्षा बल के आईजी और आईबी के अधिकारी शामिल हुए थे।
फिलहाल इस पोस्ट का संचालन पश्चिम बंगाल मॉडल पर किया जाएगा। पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश जाने वाली ट्रेनों के लिए इसी तरह की व्यवस्था है। बिहार में भी इसी तर्ज पर संचालन होगा।
शुरुआती दौर में इसका जिम्मा रेलवे सुरक्षा बल, राजकीय रेल पुलिस और कस्टम विभाग के कर्मी संभालेंगे। बाद में गृह मंत्रालय द्वारा विदेश मंत्रालय से अधिकृत अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
इमिग्रेशन पोस्ट खुलने से जयनगर के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। अभी जयनगर से बाया जनकपुर कुर्था बर्दीवास तक 67 किमी रेलखंड पर ट्रेन का परिचालन हो रहा है।
इसी रूट से जनकपुर से अयोध्या तक ट्रेन चलाने की भी योजना है। पोस्ट बनने से तीसरे देश के नागरिकों को जयनगर में ही भारत में प्रवेश की सुविधा मिलेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आव्रजन कार्यालय नहीं होने से पूर्व में दर्जनों विदेशी पर्यटक अवैध मार्ग से भारत में प्रवेश करने के कारण जेल जा चुके हैं।
गौरतलब है कि जयनगर में इमिग्रेशन पोस्ट खोलने की मांग को लेकर कई संगठनों ने लंबे समय से आवाज उठाई थी। संगठनों की इस मांग को दैनिक जागरण ने लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय पत्रकार संघ के उपाध्यक्ष ललित झा ने कहा कि भारत सरकार द्वारा जयनगर में इमिग्रेशन पोस्ट की स्वीकृति से जयनगर को बड़ी सौगात मिली है। इससे रोजगार, व्यापार और पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ावा मिलेगा और तीसरे देश के नागरिकों का दोनों देशों में आना-जाना आसान होगा।
